इंदौर संभागायुक्त के आदेश- अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर लगेगी रासुका, करेंगे जिला बदर

Sanjay Gupta | Nov 03, 2026, 21:37 IST
सागर और देवास में जहरीली शराब कांड के बाद इंदौर संभाग में प्रशासन सख्त हो गया है।
Following the spurious liquor incidents in Sagar and Dewas, the administration in the Indore division has tightened its stance.
Indore. सागर और देवास में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। देवास में शराब माफियाओं ने एक टीआई को गाड़ी से कुचल दिया था। इन घटनाओं के बाद अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर संभाग में अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर रासुका (NSA) और जिलाबदर जैसी कार्रवाई की जाएगी।

मंगलवार, 03 नवंबर को संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों की बैठक ली। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसमें अवैध शराब की खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन रोकने पर चर्चा हुई। संभागायुक्त ने अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।



बैठक में यह दिए गए आदेश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर रासुका (NSA) और जिलाबदर की कार्रवाई की जाए।



बैठक में यह बात भी सामने आई कि इंदौर शहर में कुछ शराब दुकानें तय समय के बाद भी खुली रहती हैं। इस पर संभागायुक्त ने आबकारी विभाग को सख्ती करने और नियम तोड़ने वाली दुकानों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।



यह भी कार्रवाई की जाए

संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि हाल ही में कुछ जगहों पर गांजे की खेती पकड़ी गई है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध शराब का भंडारण मिले, वहां आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत दर्ज मामलों को कोर्ट में मजबूती से रखा जाए।



उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस और दूसरे विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में आईजी अनुराग, उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा शामिल हुए थे। इसके अलावा संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, एसपी और आबकारी विभाग के अधिकारी भी बैठक से जुड़े थे।



चेकिंग बढ़ाई जाए, बॉर्डर एरिया में अधिक जोर

संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों और जिले की सीमाओं पर खास नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख सड़कों और उन जगहों पर निगरानी बढ़ाई जाए, जहां अवैध शराब की बिक्री या सप्लाई होने की आशंका है।



इसके लिए नियमित जांच अभियान चलाए जाएं। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि अवैध शराब कहां से आ रही है और किन लोगों के जरिए इसकी सप्लाई की जा रही है।



समय पर बंद हों शराब दुकानें

संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने कहा कि शराब की सभी सरकारी लाइसेंसी दुकानें तय समय पर ही खुलें और बंद हों। अधिकारी इसकी लगातार निगरानी करें। उन्होंने ढाबों और हाईवे पर भी सख्त नजर रखने के निर्देश दिए। ताकि अवैध शराब की खरीद-बिक्री, भंडारण और सप्लाई पर रोक लगाई जा सके।



अभी तक 27 हजार केस

बैठक में उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद ने बताया कि इंदौर संभाग में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध शराब बनाने, बेचने, जमा करने और सप्लाई करने वालों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं।



उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग ने मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत 5,043 मामले दर्ज किए हैं। वहीं, धारा 34(1) के तहत 27,147 केस दर्ज किए गए हैं।

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