इंदौर शराब दुकान विवाद में जिलाबदर बदमाश पर FIR, केस से सिपाही गायब
इंदौर के द्वारिकापुरी थाने में सस्ती शराब लेने के विवाद का वीडियो सामने आया था। फूटी कोठी शराब दुकान में सिपाही तन्मय सिंह तोमर का विवाद था।
वीडियो के बाद तोमर को सस्पेंड किया गया और जांच एसीपी शिवेंदु जोशी को सौंपी गई। उधर इस मामले में विवादों के बीच 1 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद जिलाबदर बदमाश महेश टोपी को गिरफ्तार किया गया।
एफआईआर में क्या लिखा गया...
एफआईआर का आधार तो सबसे पहले मौखिक लिखा गया है, यानी इसमें लिखित में कोई शिकायत नहीं है। शिकायतकर्ता राजेश सिंह सिसौदिया हैं।
आरोपी महेश टोपी निवासी 115 ई ऋषि पैलेस कॉलोनी द्वारिकापुरी इंदौर है। एफआईआर में लिखा है कि- फरियादी ने मौखिक आकर बताया कि वह द्वारिकापुरी वाइन शॉप में काम करता है।
साथ ही फरियादी ने बताया कि घटना के दिन 30 जुलाई की सुबह 10.30 बजे मैं, पंकज, देवेंद्र, इंद्रजीत दुकान पर थे, तभी महेश टोपी आया और शराब मांगने लगा। हमने पैसे मांगे तो उसने धमकाया कि तुम जानते नहीं मैं यहां का गुंडा हूं। गालियां दी। उसने धमकी दी। मैं एक अगस्त को घटना की जानकारी दे रहा हूं।
यह धाराएं लगी हैं
इसमें टोपी पर बीएनएस की धारा 115 (2) (चोट पहुंचाना), धारा 308(5) (जबरन वसूली, धमकी), धारा 332 सी (बिना मंजूरी घुसना) और 351 (3) (गंभीर धमकी) की धाराएं लगी हैं।
घटना के पहले दो वीडियो सामने आए
इस मामले में घटना के तीन वीडियो सामने आए। पहले दो वीडियो घटना वाले दिन सामने आए थे। जिसमें सिपाही तन्मय सिंह तोमर की शराब को लेकर बहस हो रही है। फिर वह दुकान के अंदर घुसे और विवाद हुआ।
इस दौरान बदमाश टोपी भी था। सिपाही की कमर में पिस्टल बंधी हुई थी और वह सामान्य ड्रेस में था, खाकी में नहीं था।
तीसरा वीडियो- सिपाही ने जड़ा थप्पड़
अब एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें दुकान के अंदर की बहस है। यहां तोमर अंदर दुकानदार से बहस कर रहे हैं। दुकानदार मैनेजर ने साथी सेल्समैन से कहा कि भैया को सॉरी बोलो।
सिपाही कहता है कि यह वीडियो बना रहे थे। सेल्समैन आकर कहता है कि ठाकुर साहब आप मेरे बड़े भाई हो, इस पर सिपाही तन्मय उन्हें थप्पड़ रसीद कर देता है।
इस पर दुकान का मैनेजर कहता है कि यह गलत बात है भैया। सिपाही फिर मैनेजर के सिर पर हाथ रखता है, यह गलत है, वीडियो बना रहा है.. मैं कहता हूं अब बनाओ वीडियो।
सिपाही खुद को बता रहा निर्दोष
निलंबित किए गए वरिष्ठ आरक्षक तन्मय सिंह तोमर ने खुद को निर्दोष बताया है। वह कहते हैं कि वह दुकान पर जिलाबदर बदमाश महेश टोपी को पकड़ने गया था।
बदमाश को पकड़कर थाने ले जाने वाले थे, लेकिन कर्मचारियों से कहासुनी के दौरान महेश टोपी वहां से भाग निकला। तोमर का कहना है कि जो कमर पर पिस्टल थी वह तो नकली है और टोपी जैसे बदमाशों को डराने के लिए लेकर घूमता हूं।
अंकित यादव का भी आया नाम
वहीं इस मामले में अंकित यादव का भी नाम आ रहा है। घटना के एक दिन पहले ही अंकित को पकड़ा था. उसके मोबाइल में कई इन्फ्लूएंसर्स के नंबर थे, उसे छोड़ने के लिए दबाव आया था।
वह इसी एरिया में अवैध शराब बेचने का काम करता है। आरोप लग रहे हैं कि इस विवाद के पीछे अंकित का भी हाथ है।
टोपी की पत्नी भी हो चुकी गिरफ्तार
महेश टोपी की पत्नी सीमा के पास भी एक कार्रवाई में कब्जे से 8 किलो गांजा और 19 लाख रुपए मिले थे। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में सीमा के घर पर डिब्बों में छिपाए गए करीब 50 लाख रुपए जब्त हुए थे।
ये खबरें भी पढ़िए।
शराब के लिए हंगामा करने वाला सिपाही, कभी अफसरों का था लाडला, हिस्ट्रीशीटर से है कनेक्शन
मध्यप्रदेश न्यूज: कमिश्नर चला रहे नशे से दूरी अभियान, सिपाही शराब सस्ती नहीं मिलने पर भड़का
इंदौर न्यूज: कचरा गाड़ी के शराबी ड्राइवर पर कसी नकेल, तैनात किए 60 ब्रेथ एनालाइजर
एमपी न्यूज: शराब घोटाला,1 हजार 800 की शराब दो हजार में बेची, आबकारी सब इंस्पेक्टर सस्पेंड