मैं D-COMPANY से संबंध रखता हूं, ऐसा बोलने वाले भूमाफिया रहमत पटेल की 11 अवैध दुकानें ध्वस्त, 25 करोड़ की है यह सरकारी जमीन
इंदौर में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई जारी है। यह कब्जा स्वयं को डी कंपनी से संबंध रखने वाले रहमत पटेल का था। उसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर एक बड़ी कार्रवाई के तहत खजराना क्षेत्र के पिपल्याकुमार गांव में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। इस कार्रवाई में 11 अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया, जो कि लगभग 12 हजार वर्गफुट शासकीय भूमि पर बनी थीं। इस जमीन की बाजार कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
वायरल वीडियो से खुली पोल
सोशल मीडिया पर पिछले दिनों खजराना निवासी रहमत अली पटेल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करता दिखा। इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में रहमत अली के बेटे अमजद पिता रहमत अली पटेल द्वारा खसरा क्रमांक 294 की शासकीय भूमि पर 11 अवैध दुकानों का निर्माण कर किराये पर देने की बात सामने आई।
वीडियो में यह कहा था
दो मिनट 12 सेकंड के इस वीडियो में पटेल खुद के कसीदे पड़ रहा है और पीएम के नाम पर अपशब्द बोल रहा है। खुद को डी कंपनी से जुड़ा हुआ बता रहा है। खजराना और लसूडिया पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद उसने कबूला कि उम्रदराज होकर गुस्से में आकर मानसिक संतुलन खोने से यह बोल गया, "भविष्य में गलती नहीं होगी" बोलकर मांगी माफी।
बेदखली के आदेश पर हुई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी जूनी इंदौर प्रदीप सोनी, तहसीलदार प्रीति भिसे, राजस्व निरीक्षक व हल्का पटवारी ने मौके का निरीक्षण कर अतिक्रमण की पुष्टि की। इसके बाद तहसील न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश जारी किया गया और अतिक्रमणकर्ता पर 1 लाख का अर्थदंड भी लगाया गया।
पुलिस और निगम की टीम ने हटाया अतिक्रमण
जिला प्रशासन, नगर निगम की रिमूवल टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 11 अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया। एसडीएम प्रदीप सोनी ने बताया कि यह कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई और अतिक्रमण मुक्त की गई भूमि की सुरक्षा के लिए जल्द ही फेंसिंग कर पौधारोपण भी किया जाएगा।
किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह की और कार्रवाइयाँ होंगी, जिससे शासकीय भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सके और उसका सार्वजनिक हित में उपयोग हो।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें