इंदौर में नेता, अधिकारियों ने 3 साल पहले कहा था 5 मिनट में फायर ब्रिगेड पहुंचेगी, कागजों में सारे प्लान

Sanjay Gupta | Mar 22, 2026, 13:58 IST
indore fire brigade system failure
इंदौर में अग्निकांड में 8 मौतों के बाद एक बार फिर अधिकारी बैठक कर रहे हैं। अप्रैल 2023 को आपदा प्रबंधन की बड़ी बैठक हुई थी। इसमें कहा गया था कि ऐसा सिस्टम होगा कि 5 मिनट में फायर ब्रिगेड पहुंच जाए।

INDORE. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में आग बुझाने को लेकर शासन, प्रशासन और नेता कितने सक्रिय हैं, इसका हाल बृजेशवरी कॉलोनी अग्निकांड में दिख चुका है। सुबह चार बजकर एक मिनट पर फायर ब्रिगेड को फोन गया और चार बजकर 19 मिनट पर फायर ब्रिगेड पहुंची। वह भी आधे टैंकर के साथ।



फायर प्लान के एक्ट के साथ ही कई योजनाएं केवल कागजों पर ही चल रही है। उधर रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने फायर व्यवस्था को लेकर औचक बैठक बुलाई है। जानकारी के अनुसार जी प्लस थ्री मल्टी में फायर सुरक्षा की गहन जांच होगी। इंदौर में पहले भी यह अभियान चल चुके हैं।



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5-6 मिनट में पहुंचेंगी फायर ब्रिगेड

24 अप्रैल 2023 को इंदौर में आपदा प्रबंधन कमेटी की बैठक रेसीडेंसी कोठी में हुई थी। इसमें तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव व वर्तमान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता थी। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री तुलसीराम सिलावट के सााथ विधायक और अधिकारी भी मौजूद थे।



इसमें कहा गया था कि आग बुझाने के संयंत्र कम है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि किसी के फोन करने के बाद पांच-छह मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड़ टीम मौके पर पहुंच जाए। यदि कहीं और फायर ब्रिगेड स्टेशन की जरूरत है तो वह किया जाए। साथ ही संसाधनों को बढ़ाए जाएं।



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400 करोड़ के फायर प्लान कागजों में

नवंबर 2024 में मध्यप्रदेश में 400 करोड़ का फायर प्लान बना था। इसमें चारों बड़े शहर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर व जबलपुर में 15-15 करोड़ की हाइट्रोलिक प्लेटफार्म (जिससे हाईराइज मल्टी में आग बुझाई जा सके) खरीदी की बात थी। साथ ही सात-सात करोड़ की अन्य मशीनों की खरीदी की बात थी। इंदौर नगर निगम इस मशीन का आदेश दे चुका है लेकिन आने में लंबा समय लगेगा।



कागजों में फायर स्टेशन, एसपी तक नहीं

फायर ब्रिगेड के इंदौर में हाल यह है कि 6 माह से एसपी ही नहीं है। नगर निगम में जाने के बाद जो फायर कर्मियों को साल में दो बार वेतन भत्ता मिलता था वह नहीं मिला है। स्टाफ 50 फीसदी रह गया है।



एमआर 10 पर फायर स्टेशन के लिए 40 हजार वर्गफीट जमीन है लेकिन स्टेशन कागज पर ही है। रोबोटिक फायर मशीन भी कागजों में ही है। इंदौर में लक्ष्मीबाई मांगलिया, पीथमपुर, जीएनटी मार्केट, मोती तबेला, सांवेर रोड व मालनपुर कुल सात फायर स्टेशन है। गाडियां भी पुरानी हो चुकी हैं।



15 दिन के लिए चलेगा चेतावनी अभियान

उधर रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में फायर सुरक्षा की बैठक हुई। इसमें तय किया गया की 15 दिन तक पहले जागरूकता अभियान चलेगा इसमें जी प्लस 3 खासकर कमर्शियल मल्टी की जांच की जाएगी। एसडीएम की टीम रहेगी। साथ में बिल्डिंग इंस्पेक्टर, बिल्डिंग ऑफिसर रहेंगे।



यह खासतौर से पहले मुख्य मार्ग, बाजारों में जांच करेंगे और उसमें जो कमियां रहेगी भवन मालिकों को बताया जाएगा। उन्हें 15 दिन का समय दिया जाएगा कि ठीक कर ले उसके बाद इसमें सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निगम आयुक्त क्षितिज सिंगल, सभी एसडीएम अन्य अधिकारी मौजूद थे।



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