इंदौर में गुरुसिंघ सभा चुनाव जीतने के बाद अध्यक्ष और महासचिव में मतभेद

The Sootr | Nov 17, 2024, 18:15 IST
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मध्‍य प्रदेश के इंदौर की प्रतिष्ठित संस्था श्री गुरुसिंघ सभा के 12 साल बाद चुनाव हुए थे। इस चुनाव के बाद ही समिति में दो फाड़ होने की स्थिति बनने लगी है। गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया मात्र चार सदस्यों के साथ सीएम मोहन यादव से मिलने पहुंचे...

मध्‍य प्रदेश के इंदौर की प्रतिष्ठित संस्था श्री गुरुसिंघ सभा के 12 साल बाद चुनाव हुए थे। इस चुनाव के बाद ही समिति में दो फाड़ होने की स्थिति बनने लगी है। गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया आज सीएम मोहन यादव से मिलने पहुंचे। इधर विपक्ष के सदस्यों का आरोप है कि बीजेपी नेता नरेंद्र सलूजा और उज्जैन के सुरेंद्र अरोरा के साथ अध्यक्ष मोनू भाटिया सीएम से मिलने पहुंचे। जबकि वे सचिव बंटी उर्फ प्रितपाल सिंह भाटिया और 15 सदस्य में से किसी को भी अपने साथ लेकर नहीं गए। बताया जाता है कि इनको मात्र औपचारिक मैसेज ही किया गया था। इस बात से कयास लगाए जा रहे हैं कि गुरुसिंघ सभा में चुनाव के बाद दो फाड़ की स्थिति बनने लगी है।



कोर कमेटी को कोई सूचना नहीं

इधर गुरुसिंघ सभा के सचिव सचिव बंटी उर्फ प्रितपाल सिंह भाटिया ने thesootr को बताया कि हमारी कोर कमेटी को सीएम से मिलने के संबंध में कोई अधिकृत जानकारी नहीं थी। दरअसल हर बड़े मामले को पहले कोर कमेटी में लाया जाता है। फिर उस पर सामूहिक निर्णय होता है। इतना जरूर है कि अध्यक्ष मोनू भाटिया ने सुबह फोन पर इस बात की सूचना दी थी।



व्यक्तिगत हैसियत से कोई किसी से भी मिल सकता है

इधर गुरुसिंघ सभा के मेंबर कुलवंत सिंह ने भी सीएम से मिलने की किसी भी अधिकृत जानकारी से इंकार किया है। उन्होंने thesootr को बताया कि कोई व्यक्तिगत हैसियत से किसी से भी मिल सकता है। फिलहाल तो चुनाव के बाद हमारी कमेटी बैठी ही नहीं है तो ऐसे में सभा की ओर से मिलने का कोई सवाल ही नहीं है।



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12 साल बाद हुए थे श्री गुरुसिंघ सभा के चुनाव

श्री गुरुसिंघ सभा के चुनाव बहुत मशक्कत के बाद 12 साल बाद संपन्न हो पाए थे। इस चुनाव में करीब 64 फीसदी वोटिंग हुई थी और 11678 मतदाताओं में 7426 मतदाताओं ने वोट डाले थे। गुरुसिंघ चुनाव के मुकाबले में दो ही पैनल खंडा और खालसा-फतेह थीं। प्रधान पद के लिए मुकाबला रिंकू और मोनू के बीच था। इसमें मोनू भाटिया ने जीत दर्ज की थी। वहीं सचिव पद के लिए इंद्रजीत सिंह होरा और प्रितपाल सिंह उर्फ बंटी भाटिया के बीच मुकाबला हुआ। इसमें बंटी भाटिया विजयी हुए थे। कार्यकारिणी के 17 पदों के लिए चुनाव हुए थे। बता दें कि बीते 12 साल से रिंकू भाटिया भाटिया सभा के अध्यक्ष थे। इस बार भी सभा के चुनाव को लेकर कई कानूनी पेंच थे। मतदाता सूची का मामला कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट तक याचिका लगाई गई, लेकिन 12 साल बाद चुनाव हुए और मोनू ने इस बार बाजी मार ली।



इस तरह रहे अंतिम रिजल्ट

प्रधान पद : मोनू को वोट 4 हजार 315, रिंकू को 2 हजार 796 वोट, अंतर 1 हजार 519 वोट
सचिव पद : बंटी भाटिया को 4 हजार 327 वोट, इंदरजीत सिंह होरा को 2 हजार 949 वोट, अंतर 1 हजार 278 वोट

कार्यकारिणी के जीते ये 17 सदस्य...

खालसा फतेह पैनल के जीते हुए 17 कार्यकारिणी सदस्य और उन्हें मिले वोट।



  1. मनप्रीत होरा = 4497
  2. रघुवीर सिंग खनूजा = 4250
  3. अवतार सिंग सैनी = 4245
  4. रवीन्द्र सिंग कलसी =4227
  5. अमरजीत सिंग भाटिया=4200
  6. जसबीर सिंग होरा=4099
  7. रविन्द्र सिंग होरा = 4050
  8. जसबीर सिंग अरोरा = 4048
  9. सतबीर सिंग छाबड़ा =4028
  10. जितेंद्र सिंग भाटिया = 3980
  11. रवीन्द्र सिंग माखिजा = 3954
  12. जगजीत सिग गांधी =3827
  13. दारा सिंग सलूजा = 3811
  14. चरणजीत सिंग सैनी =3782
  15. कुलवंत सिंग छाबडा = 3762
  16. अमन गिल = 3750
  17. सतपाल सिंग खालसा = 3550

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