इंदौर गुरूसिंघ सभा प्रधान रिंकू ने टूटेजा को दिया स्कूल चेयरमैन पद से हटाने का नोटिस, बोले नंगे सिर वाली फोटो सिख धर्म का अपमान
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर गुरूसिंघ सभा चुनाव के पहले वर्तमान प्रधान रिंकू उर्फ मंजीत सिंह भाटिया की खंडा पैनल की टूट का अब साइट इफैक्ट सामने आने लगा है। खंडा पैनल छोड़कर मोनू उर्फ हरपाल सिंह भाटिया की फतेह पैनल में गए एमएस टूटेजा को रिंकू भाटिया ने नोटिस जारी कर गुरू नानक पब्लिक स्कूल के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है। इसके लिए नोटिस भी जारी हो गया है।
नंगे सिर वाली फोटो वायरल होने पर दिया नोटिस
इस नोटिस होने के पीछे कारण टूटेजा की नंगे सिर वाली (बिना पगड़ी बांधे, सिर ढंका हुआ होना चाहिए) फोटो सामने आना है। नोटिस में कहा गया है कि गुरुसिंघ सभा द्वारा संचालित गुरू नानक पब्लिक स्कूल में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आपको दी गई थी। आज सोशल मीडिया पर आपकी नंगे सिर वाली तस्वीरें वायरल हो रही है, आपका कृत्य सिख धर्म के प्रति निंदनीय है। इससे आफकि सामाजिक छवि खराब हुई है, इसलिए आप स्कूल के चेयरमैन पद से इस्तीफा दें। नोटिस को लेकर टूटेजा ने द सूत्र से कहा कि यह तो नोटिस देने वाले ही बता सकते हैं कि उन्होंने क्यों यह भेजा है, मैं तो इंदौर से बाहर हूं और मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता हूं।
दानवीर, गांधी के साथ टूटेजा भी गए हैं मोनू के साथ
चुनाव के पहले 23 अगस्त को गुरूसिंघ सभा चुनाव में सचिव पद पर काबिज जसबीर सिंह गांधी (राजा गांधी) के साथ ही दानवीर सिंह छाबड़ा, टूटेजा और त्रिलोचन सिंह बासु मोनू भाटिया की फतेह पैनल में चले गए। इन्होंने संयुक्त तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही और इसमें मोनू को प्रधान पद का और दानवीर को सचिव पद का उम्मीदवार बनाया। इसके बाद इसे रिंकू भाटिया का पलटवार माना जा रहा है।
उधर जल्द चुनाव की खातिर सीएम से भी मिल आए मोनू
उधर 24 सिंतबर को घोषित गुरूसिंघ सभा चुनाव समय पर होने की कोई उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आती है। इसके बाद अपनी स्थिति तो मजबूत मानते हुए मोनू समय पर जल्द चुनाव कराने में लगे हुए हैं। इसके लिए कुछ दिन पहले वह कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी से मिले थे, लेकिन वहां से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के बाद वह अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिलने पहुंच गए। हालांकि वहां से भी कोई ठोस नतीज सामने नहीं आया है।
वहीं 24 सितंबर को चुनाव की तारीख होने के बाद भी चुनाव अधिकारियों ने अभी तक शेड्यूल जारी नहीं किया है, ना ही मतदाता सूची प्रकाशित कर आपत्तियां बुलाई, ना ही नामांकन का कोई कार्यक्रम जारी हुआ और ना ही अन्य शेड्यूल सामने आया। वहीं खंडा पैनल का आरोप है कि गुरूसिंघ सभा की नियमवाली से ही चुनाव कराने को लेकर अकाल तख्त का पत्र आया है, लेकिन नियमावली से कोई काम नहीं हो रहा है। खंडा पैनल ने इसे लेकर अकाल तख्त को आपत्ति लिख दी है। इन सभी के चलते चुनाव समय पर होने को लेकर पूरे समाज में संशय की स्थिति बनी हुई है।