स्टेरॉयड से पुरुषों में बढ़ रहे महिलाओं जैसे ब्रेस्ट, सर्जरी कराने को हो रहे मजबूर
समझें क्या है पूरा मामला...
- आज के युवा जल्दी बॉडी बनाने के लिए स्टेरॉयड ले रहे हैं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट का सेवन बढ़ रहा है।
- इससे कई युवाओं में महिलाओं जैसी ब्रेस्ट डेवलप हो रही है।
- समय पर इलाज न मिलने पर कुछ को सर्जरी तक करानी पड़ी है।
इस मामले में यदि हम इंदौर शहर कि बात करें तो, यहां सोशल मीडिया देखकर जिम जाने वाले युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। अच्छी बॉडी दिखाने की चाहत में कई युवा शॉर्टकट अपना रहे हैं।
कुछ महीनों की ट्रेनिंग के बाद जब नतीजे नहीं दिखते, तो वे स्टेरॉयड और टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं।
जानकारी के अनुसार शहर के चार प्रमुख हार्मोन एक्सपर्ट्स के पास हर महीने करीब 10 युवा इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 18 से 22 साल के बीच है।
यह वही उम्र है जब युवा कॉलेज जाना शुरू करते हैं। अच्छा दिखने की होड़ में वे जल्दबाजी में गलत कदम उठा लेते हैं।
केस 1: छह महीने जिम, फिर सर्जरी
खंडवा का एक 18 वर्षीय युवक इंदौर में नीट की तैयारी कर रहा है। वह भंवरकुआं इलाके की एक जिम में जाने लगा। छह महीने बाद भी शरीर में खास बदलाव नहीं दिखा।
ट्रेनर की सलाह पर उसने जल्दी मसल्स बनाने के लिए स्टेरॉयड लेना शुरू किया। कुछ ही महीनों में उसकी ब्रेस्ट का आकार बढ़ने लगा। दवाओं से फायदा नहीं हुआ, आखिर में उसे सर्जरी करवानी पड़ी।
केस 2: इंटरनेट से मंगाया सप्लीमेंट
इंदौर के एक 21 वर्षीय युवक ने इंटरनेट पर जल्दी बॉडी बनाने का तरीका खोजा। वहां उसे टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट लेने की सलाह मिली। सप्लीमेंट लेने के बाद उसकी ब्रेस्ट महिलाओं जैसी दिखने लगी।
शर्म के कारण उसने कई महीनों तक किसी को कुछ नहीं बताया। आखिरकार डॉक्टर के पास पहुंचा तो पता चला कि उसके हार्मोन असंतुलित हो चुके हैं।
केस 3: दोस्तों की सलाह पड़ी भारी
22 वर्षीय एक युवक ने दोस्तों के कहने पर स्टेरॉयड लेना शुरू किया। शुरुआत में शरीर तेजी से बना और बाइसेप्स का साइज भी बढ़ने लगा।
इसके बाद जल्द ही उसकी ब्रेस्ट भी डेवलप होने लगी। देर से डॉक्टर के पास पहुंचने के कारण उसे भी सर्जरी करानी पड़ी।
देरी होने पर पड़ती है सर्जरी की जरूरत
हार्मोन एक्सपर्ट डॉ. राजेश वर्मा के अनुसार बिना सलाह स्टेरॉयड (एस्टेरॉयड क्या है) लेने वाले युवाओं में हार्मोन असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है। टेस्टोस्टेरोन शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हार्मोन है।
वहीं जब इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाता है, तो इसका कुछ हिस्सा एस्ट्रोजन में बदल सकता है। एस्ट्रोजन महिला हार्मोन है और इसी वजह से पुरुषों में भी ब्रेस्ट डेवलप होने लगती है।
अगर समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो दवाओं से सुधार संभव है। देरी होने पर सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है। क्या है एस्टेरॉयड
घर के खाने से भी मिल सकता है प्रोटीन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिम करने वालों को प्रोटीन की जरूरत जरूर होती है। मसल्स बनाने में प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। वहीं कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है।
वहीं अगर सामान्य भोजन से पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, तो अलग से सप्लीमेंट लेने की जरूरत नहीं होती। किसी भी सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह पर ही करना चाहिए। जल्दबाजी में उठाया गया कदम सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
गाइनेकोमैस्टिया क्या है?
पुरुषों में ब्रेस्ट का असामान्य रूप से बढ़ना गाइनेकोमैस्टिया कहलाता है। यह तब होता है जब शरीर में पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) और महिला हार्मोन (एस्ट्रोजन) का संतुलन बिगड़ जाता है।
कई मामलों में यह दवाओं, स्टेरॉयड, हार्मोन सप्लीमेंट, मोटापे या कुछ बीमारियों के कारण भी हो सकता है।
क्या हर जिम करने वाले को प्रोटीन सप्लीमेंट चाहिए?
नहीं। एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि रोज के भोजन से शरीर की जरूरत के अनुसार प्रोटीन मिल रहा है, तो अलग से सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं होता।
दूध, दही, पनीर, दालें, सोयाबीन, राजमा, चना और अन्य संतुलित खाद्य पदार्थ भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। सप्लीमेंट केवल जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह पर ही लेना चाहिए।
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