दस्तावेज सत्यापन में चयनित प्राइमरी टीचर्स को इंदौर हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
News in Short
- प्राइमरी टीचर्स को हाईकोर्ट से राहत
- दस्तावेज सत्यापन को लेकर थी आशंका
- गलत कॉलम भरने से बना था विवाद
- कोर्ट ने उम्मीदवारी खारिज करने पर रोक लगाई
- 15 दिन बाद फिर होगी सुनवाई
प्राइमरी टीचर्स को दस्तावेज सत्यापन को लेकर एक बड़ी राहत मिल गई है। इस संबंध में इंदौर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के संबंध में विभाग को निर्देश दिए हैं कि इनकी उम्मीदवारी खारिज नहीं की जाए।
News in Detail
ईएसबी द्वारा चयनित प्राइमरी टीचर्स में याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट इंदौर से राहत मिली है। इन टीचर्स द्वारा गलती से फॉर्म में स्पेशल टीचर्स के कॉलम को भर दिया गया था, जबकि इसे लेकर उनके पास सर्टिफिकेट नहीं थे। ऐसे में आशंका थी कि दस्तावेज सत्यापन के दौरान उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी जाएगी, लेकिन अब हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दे दी है।
हाईकोर्ट में यह हुआ
तीन चयनितों ने अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान के माध्यम से यह याचिका दायर की थी। अधिवक्ता चौहान ने तर्क रखे कि याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा में भाग लिया और रिजल्ट आ चुका है। इनकी चिंता दस्तावेज सत्यापन को लेकर है। इनके द्वारा विशेष श्रेणी शिक्षक पदनाम का विकल्प चुन लिया, जो मूल विज्ञापन में नहीं था। इन्हें आशंका है कि क्योंकि विशेष शिक्षक के लिए जरूरी डिप्लोमा प्रमाणपत्र उनके पास नहीं है, ऐसे में चयन के बाद भी उनके आवेदन को दस्तावेज सत्यापन में खारिज कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने यह दी अंतरिम राहत
तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता प्राथमिक शिक्षक के विज्ञापित पद के लिए पात्र हैं, इसलिए प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे केवल प्रमाणपत्र न होने के आधार पर उनकी उम्मीदवारी को अस्वीकार न करें। केस की सुनवाई जारी रहेगी और फिर 15 दिन बाद केस लिस्ट होगा।एमपी प्राइमरी टीचर्स
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