धारा 170 विवाद: हाईकोर्ट का एसीपी खजराना से सवाल, इंदौर में नौकरी करनी है या नहीं
इंदौर पुलिस कमिश्नरी में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत मिले अधिकारों के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
तबरेज करीम खान ने अपने वकील अमित सिसौदिया के जरिए इंदौर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सोमवार, 3 अगस्त को खजराना के एसीपी आशीष पटेल को कोर्ट में तलब किया। साथ ही मामले पर कड़ी नाराजगी भी जताई।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया
बता दें कि तबरेज खान ने आरोप लगाए थे कि पुलिस ने उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है। साथ ही धारा 170 लगाकर 12 जुलाई की अलसुबह गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगी जिस पर हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को सवाल पूछा कि क्या पुलिस थाना स्तर पर धारा 170 लगाई जा सकती है।
कोर्ट ने एसीपी को 3 अगस्त को तलब किया। साथ ही फरियादी को तत्काल 25 हजार के व्यक्तिगत बांड-ओवर पर छोड़ने का आदेश दिया। लेकिन इसका पालन ही नहीं हुआ।
फिर एसीपी हुए कोर्ट में पेश
हाईकोर्ट के आदेश पर 3 अगस्त को एसीपी पटेल पेश हुए। इस पर हाईकोर्ट ने पुराने आदेश का पालन नहीं होने का कारण पूछा।
साथ ही साफ शब्दों में कहा कि आपको इंदौर में नौकरी करनी है या नहीं।
क्या सीधे जेल भेज सकते हैं
अब इस मामले में हाईकोर्ट गंभीर है और आगे सुनवाई करेगा कि क्या पुलिस कमिशनर सीधे किसी को जेल भेज सकता है। जबकि नियमानुसार आरोपी को पहले न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के समक्ष पेश किया जाना चाहिए था।
बीएनएसएस की 170 धारा में अधिकतम 24 से 48 घंटे ही जेल में रखा जा सकता है और जमानत लेकर छोड़ा जाता है। वहीं यहां पर 12 जुलाई से पीड़ित जेल में है और उसकी जमानत नहीं ली गई है।
राज्य सरकार को भी निर्देश
मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में हाईकोर्ट के आदेशों के तत्काल पालन के लिए अलग सेल या कर्मचारी को तय किया जाए। जिससे कोर्ट के आदेश के पालन में कोई देरी नहीं हो।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि तबरेज खान पर साल 2025 में केस दर्ज हुआ, यह धोखाधड़ी का था। तबरेज का आवेदन है कि 11 जुलाई को वह खजराना में होटल में बैठा था, कुछ लोग आए और उठाकर ले गए और पैसों की मांग की।
तबरेज खान के अनुसार फिर वही लोग उन्हें थाने ले आए और धमकाया। तबरेज ने बताया कि मैंने आवेदन दिया लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया उलटे नया केस मुझ पर लगाकर एफआईआर की। फिर 12 जुलाई की अलसुबह धारा 170 में जेल भेज दिया।
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