इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चीफ जस्टिस को पत्र, जमानत जैसे अहम केस में लिस्टिंग में हो रही देरी
Indore. इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशनने मप्र हाईकोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा को अहम पत्र लिखा है। यह पत्र एसोसिएशन के प्रेसीडेंट मनीष यादव और सचिव मनीष गड़कर ने भेजा है। इसका विषय है जमानत व अन्य अहम प्रकरणों की समय पर लिस्टिंग नहीं होने को लेकर आ रही समस्या।
पत्र में यह मुद्दा उठाया गया
पत्र में लिखा गया कि एसोसिएशन इंदौर की ओर से इस संबंध में ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं। बीते कुछ समय से अनुभव किया जा रहा है कि जमानत आवेदन के साथ ही अन्य अहम प्रकरणों जैसे स्टे आवेदन, अंतरिम राहत संबंधी केस व तत्कालिक सुनवाई के आपेक्षित केस की लिस्टिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इससे अनावश्यक लंबित केस बढ़ रहे हैं। इससे न्याय प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाईयों का सामान करना पड़ रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है। जमानत केस मे देरी से बेवजह याचिकाकर्ता को जेल में रहना पड़ता है।
यह असर हो रहा है देरी से
पत्र में कहा गया है कि इसी तरह अंतरिम राहत पाने में भी देरी हो रही है। इससे अधिवक्ताओं को भी बार-बार कोर्ट आना पड़ रहा है। न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस तरह की व्यवस्था हो कि जमानत व अन्य तात्कालिक प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र लिस्टिंग हो सके। जररत के अनुसार अथिरिक्त बेंच/विशेष बेंच का गठन हो सके। लिस्टिंग प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी हो सके। साथ ही अत्यावश्यक केस की अलग से कैटेगरी विकसित की जा सके।
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