MP पुलिस सिपाही भर्ती में 0.34 अंक से चूका अभ्यर्थी, HC के आंसर की जांच के आदेश
मप्र में पुलिस सिपाही भर्ती 2025 (mp constable bharti) के अंतिम रिजल्ट को जारी हुए तीन माह से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन इसे लेकर अब हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ का अहम आदेश आया है। मेरिट में चयन से चूके एक उम्मीदवार की याचिका पर यह फैसला हुआ है।
यह उठा 0.34 अंक का मुद्दा
याचिकाकर्ता रतलाम के विजय राठौड़ ने यह मुद्दा उठाया। उनके अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता केवल 0.34 अंक से मेरिट सूची से चूक गया। उसके कुल अंक 139.39 आए और मेरिट 139.73 पर क्लोज हुई। लेकिन यह 0.34 अंक की कमी ईएसबी की गलत आंसर की के चलते हुई।
आंसर की पर उठाए सवाल
याचिका में बताया गया कि जब ईएसबी ने प्रारंभ में प्रोवीजनल आंसर की दी इसमें उनके एक सवाल का जवाब सही था। लेकिन जब रिजल्ट के साथ फाइनल आंसर की सामने आई तो इसमें उस सवाल का जवाब बदल दिया गया जो उचित नहीं था। इसके चलते उन्हें जो अंक मिलने थे वह नहीं मिले।
इसके चलते वह मेरिट सूची में नहीं आ सका और चयन से वंचित हो गया। अधिवक्ता चौहान ने मांग की इसमें अधिक लंबा केस चलने से उम्मीदवार का नुकसान होगा। इसमें एक्सपर्ट कमेटी से आंसर की जांच कराई जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
हाईकोर्ट में एमपीईबी की मेरिट सूची में भी उठे विवाद और इसमें अर्पित साहू केस में हुए आदेश को भी देखा गया। इसमें बेंच ने आंसर की पर आई आपत्ति को विशेषज्ञों से दिखाने और यदि इसमें बदलाव होता है तो फिर संशोधित मेरिट सूची जारी करने के लिए कहा था।
इस केस को देखते हुए हाईकोर्ट जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी ने आदेश दिए कि याचिकाकर्ता सात दिन के भीतर आंसर की और सवाल को लेकर प्रेजेंटेशन दें। वहीं पक्षकार इस पर विशेषज्ञ कमेटी बनाकर इसे जांचे और एक माह के भीतर इस पर फैसला करें।
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