देश के 50 मॉडल शहरों की रेस में इंदौर सबसे आगे! सोलर एनर्जी और पर्यटन में बनाएगा पहचान
समझें क्या है पूरा मामला...
- देश के 50 शहरों को मॉडल सिटी बनाने की योजना है।
- इस सूची में इंदौर का नाम भी शामिल होना तय माना जा रहा है।
- इंदौर को गार्बेज फ्री, पर्यटन और स्वच्छ ऊर्जा के मॉडल के तौर पर तैयार किया जाएगा।
- दिल्ली में हुई बैठक में नगर निगम ने अपना मॉडल पेश किया।
- मंत्रालय की टीम जल्द इंदौर का अध्ययन करेगी।
क्यों चुना जा रहा इंदौर
बता दें कि इंदौर लगातार आठवीं बार स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर-1 रहा है। इंदौर देश का सबसे साफ शहर माना जाता है। अब इस पहचान को एक कदम आगे ले जाने की तैयारी है। सिर्फ कचरा मुक्त शहर नहीं बल्कि पूरा मॉडल सिटी बनाने का लक्ष्य है।
शहर में पर्यटन, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक इमारतें और सांस्कृतिक विरासत पहले से मौजूद हैं। इनके साथ स्वच्छ ऊर्जा को जोड़कर एक समग्र मॉडल तैयार किया जा रहा है। यही वजह है कि इंदौर का नाम संभावित सूची में सबसे ऊपर माना जा रहा है।
आठवीं बार नंबर-1
स्वच्छता सर्वेक्षण केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय कराता है। इंदौर (इंदौर सबसे साफ शहर) हर साल इसमें टॉप पर रहा है। यह लगातार आठवां मौका है जब शहर को यह उपलब्धि मिली है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर अब मॉडल सिटी के लिए दावा मजबूत माना जा रहा है।
दिल्ली में हुई अहम बैठक
गुरुवार को दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इसमें इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा सिंह ने हिस्सा लिया। उन्होंने मंत्रालय को शहर के स्वच्छता मॉडल और नवाचारों की जानकारी दी।
बैठक में स्वच्छता, सौर ऊर्जा और ऊर्जा साक्षरता से जुड़े कामों को भी दिखाया गया। मंत्रालय ने इन प्रयासों में रुचि दिखाई।
अधिकारियों ने बताया कि तय पैमानों के आधार पर मंत्रालय की टीम जल्द इंदौर का दौरा करेगी। इसी अध्ययन के बाद मॉडल सिटी की अंतिम सूची तय होगी।
किन शहरों से मुकाबला
इंदौर अकेला शहर नहीं है जो इस सूची की दौड़ में है। प्रस्तावित मॉडल सिटी सूची में देश के कई और बड़े शहर शामिल हैं। इनमें सूरत, अहमदाबाद, नवी मुंबई और जयपुर के नाम हैं। इसके अलावा विशाखापट्टनम, तिरुवनंतपुरम और भुवनेश्वर भी इस सूची में हैं।
यह सभी शहर स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। इसी आधार पर इन्हें मॉडल सिटी के लिए संभावित माना गया है। इंदौर का लगातार आठ साल का रिकॉर्ड इसे इस मुकाबले में मजबूत दावेदार बनाता है।
आगे क्या होगा
मंत्रालय की टीम अब तय पैमानों पर शहरों का मूल्यांकन करेगी। इंदौर में स्वच्छता, ऊर्जा और पर्यटन से जुड़े मॉडल का बारीकी से अध्ययन होगा। इसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
अगर इंदौर को इस सूची में जगह मिलती है, तो शहर को नई पहचान मिलेगी। यह सिर्फ स्वच्छता तक सीमित नहीं रहेगा। शहर को पर्यटन और ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई पहचान मिल सकती है। इससे रोजगार और निवेश के नए मौके भी बन सकते हैं।
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