इंदौर में Instagram पर केस, मेटा के एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका

Sanjay Gupta | Apr 10, 2026, 12:29 IST
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इंदौर हाईकोर्ट में मेटा के इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में प्राइवेसी के खतरे की बात उठाई गई है। कोर्ट ने इस मामले को डिजिटल डाटा बोर्ड को भेज दिया है और 6 मई तक फैसला लेने के लिए कहा है।

News In Short

  • मेटा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है।
  • याचिका में इंस्टाग्राम के एन्क्रिप्शन (Encryption) फैसले को चुनौती दी गई है।
  • प्राइवेसी खतरे का मुद्दा भी उठाया गया है।
  • कोर्ट ने मामला डाटा बोर्ड को भेजा है।
  • 6 मई तक फैसला आने के निर्देश दिए गए हैं।

News In Detail

मध्यप्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में मेटा के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्शन सुविधा खत्म करने के फैसले को चुनौती दी गई है। ये जनहित याचिका अधिवक्ता पार्थ शर्मा ने लगाई है।



इसमें हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने एक अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हस्तक्षेप करते हुए नवगठित डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बोर्ड के पास जाने का निर्देश दिया है।



याचिका में प्राइवेसी के खतरे को उठाया गया

याचिकाकर्ता और अधिवक्ता पार्थ शर्मा ने कहा कि मेटा 8 मई, 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की सुविधा बंद कर देगा। उनका कहना है कि एन्क्रिप्शन हटने से नागरिकों के संदेशों तक अनधिकृत पहुंच हो सकती है।



यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में दिए गए 'निजता के अधिकार' का उल्लंघन है। इससे लोगों की प्राइवेसी को खतरा होगा। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के.एस. पुट्टास्वामी मामले के ऐतिहासिक फैसले का भी हवाला दिया गया।





शासन और मेटा ने यह दिया जवाब

भारत सरकार की ओर से उपस्थित एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कहा कि याचिकाकर्ता को पहले डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित वैधानिक बोर्ड के पास जाना था। डाटा संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए बोर्ड ही सक्षम प्राधिकारी है।



हाईकोर्ट ने यह दिया अहम आदेश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ ने एक अहम आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को 7 दिनों के अंदर एक्ट में गठित बोर्ड के सामने अपना अभ्यावेदन पेश करना होगा।



साथ ही, कोर्ट ने बोर्ड को भी आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका दे और 06 मई 2026 से पहले एक तर्कसंगत और विस्तृत आदेश पारित करे।



हाईकोर्ट 6 मई को देखेगा क्या हुआ

चूंकि मेटा 08 मई से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की सुविधा बंद कर देगा, इसलिए हाईकोर्ट ने बोर्ड को 6 मई तक फैसला लेने का आदेश दिया है। साथ ही, कोर्ट 06 मई को सुनवाई करेगा, जिसमें बोर्ड द्वारा लिए गए फैसले की समीक्षा की जाएगी।



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