पार्षद कमलेश कालरा ने जीतू को कहा गुंडा, प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा, बाहर करो
बता दें कि जनवरी 2025 में ऑडियो विवाद के बाद इंदौर विधानसभा चार के वार्ड 65 से बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा के घर हमला हुआ था। आरोप लगा कि यह इंदौर विधानसभा-2 के वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव (जाटव) ने करवाया था। इस घटना के बाद जनवरी 2025 में जीतू को भाजपा ने 6 साल के लिए निकाल दिया था। इसके साथ ही उनका एमआईसी मेंबर का पद भी चला गया था। वहीं हाल ही में पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने पर पार्टी ने 18 अगस्त को उन्हें वापस ले लिया और निलंबन खत्म कर दिया।
पार्षद कालरा ने कहा पिशाचत्व वाली घटना
पार्षद कालरा ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को जीतू को फिर पार्टी में लेने पर पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। कालरा ने कहा कि इस घटना से उनका परिवार आज तक नहीं उभरा है। यह पिशाचत्व वाली घटना थी।
जीतू गुंडा है, कई केस, फिर क्यों लिया
कालरा ने पत्र में यह भी लिखा कि घटना के बाद जीतू पर पूरे इंदौर ने थू-थू किया। भाजपा की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उस गुंडे (यादव) को जिस पर इंदौर के विभिन्न थानों में कई गंभीर केस दर्ज हैं, उसे फिर से शामिल करना पड़ा। इन गुंडों के संरक्षणदाताओं की मानवीय संवेदनाएं कैसे नगण्य हो गईं।
आज तक केस लंबित है, अभी क्लीन चिट नहीं
कालरा ने यह भी लिखा कि आज भी केस कोर्ट में लंबित है। पुलिस ने मेरा और जीतू का वॉइस सैंपल लिया था, आज तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। कोर्ट ने अभी तक फैसला भी नहीं लिया है। इसके बाद भी जीतू के राजनीतिक संरक्षकों द्वारा आपको गलत जानकारी देकर गुमराह करते हुए पार्टी में गुंडा तत्वों की वापसी कराई है।
एमआईसी पद नहीं देंगे
वहीं पूरा विवाद फिर तूल न पकड़े और इंदौर विधानसभा दो और चार के बीच में राजनीतिक विवाद न बढ़े, इसलिए पार्टी ने तय किया है कि जीतू को एमआईसी में पद नहीं देंगे। इसके लिए कुछ दिन पहले संभागीय प्रभारी रणवीर रावत इंदौर भी आए थे। उन्होंने बंद कमरे में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्राको इस संबंध में कहा था कि पार्टी ने तय किया है कि जीतू को एमआईसी में नहीं लेना है।
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