अमिताभ बच्चन जिस गोवर्धन घी की करते हैं ब्रांडिंग, वो जांच में निकला अनसेफ, इंदौर में जब्त
इंदौर में दूध व दूध से निर्मित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए चल रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई हुई है। इसके तहत मप्र में बाहरी राज्यों से आ रहे उत्पादों को जांचा जा रहा है। हाल ही में मप्र में कई जगह से घी के कुछ सैंपल लिए गए।
इसमें महाराष्ट्र पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड कंपनी के गोवर्धन ब्रांड के घी के सैंपल भी अन्य जगह फैल हुए। इसके बाद पूरे प्रदेश में खाद्य आयुक्त मप्र ने सैंपल लेकर जांच करने के आदेश दिए थे।
इसी के तहत कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा टीम ने इंदौर में बड़ी कार्रवाई महाराष्ट्र की कंपनी पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के गोवर्धन ब्रांड से बिकने वाले घी पर की है।
जांच में मिले हैं हानिकारक तत्व
द सूत्र को खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मप्र में अन्य जगह से गोवर्धन घी के लिए गए थे। यह सैंपल जांच में अनसेफ (स्वास्थय के लिए असुरक्षित) पाए गए। इनमें कुछ हानिकारक तत्व, अधिक फैटी एसिड पाए गए हैं। इसके बाद पूरे प्रदेश में इस घी के सैंपल लेकर जांच के आदेश हुए हैं।
यहां की गई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग इंदौर की टीम ने गुरुवार को ए.बी. रोड स्थित पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के डिपो पर जांच की। जांच के दौरान वहां पुणे (महाराष्ट्र) की कंपनी द्वारा बनाए गए गोवर्धन ब्रांड घी का स्टॉक रखा मिला। उसकी बिक्री भी की जा रही थी। यह कंपनी का डिपो है, जहां से पूरे मध्य प्रदेश में गोवर्धन घी की सप्लाई होती है।
केंद्र की मंजूरी के बाद एफएसएसएआई की केंद्रीय खाद्य सुरक्षा टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
कौन बनेगा करोड़पति में होता था प्रमोशन
गोवर्धन घी बनाने वाली पराग मिल्क फूड्स कंपनी KBC की बड़ी स्पॉन्सर रही है। अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पति शो में इस घी का प्रमोशन करते थे। उन्होंने साल 2022 के KBC सीजन 14 से इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद यह ब्रांड लगातार सीज़न 15 (2023), सीज़न 16 (2024), और सीज़न 17 (2025) में आधिकारिक स्पॉन्सर ('Co-powered by' पार्टनर) के रूप में बना रहा। शो के दौरान अमिताभ बच्चन अपने खास अंदाज में इसका नाम लेते थे।
वह कंटेस्टेंट्स को गोवर्धन घी की तरफ से विशेष उपहार भी दिया करते थे। उनके "गौरवशाली उपहार" वाले डायलॉग से यह घी काफी मशहूर हुआ था। टीवी पर उनके इस प्रचार से गोवर्धन घी हर घर में जाना पहचाना नाम बन गया।
केंद्रीय दल ने मौके से लिए सैंपल
केंद्रीय दल द्वारा गोवर्धन ब्रांड घी के विभिन्न पैकिंग आकारों के 20 सैपंल जांच हेतु लिए गए। साथ ही अनुमानित ₹1.50 करोड़ की कीमत वाले 25000 लीटर घी को जांच पूर्ण होने एवं आगामी आदेश तक विक्रय किए जाने से रोक दिया गया।
कार्रवाई एफएसएसएआई वेस्टर्न रीजन, ब्रांच ऑफिस इंदौर द्वारा खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला इंदौर के सहयोग से की गई। सैंपल फेल होने पर कंपनी इस घी को बेच नहीं सकेगी।
यहां से भी लिए गए सैंपल
खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला इंदौर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा भावण्या इंटरप्राइजेज, 5/5 साउथ हरसिद्धि, इंदौर से गोपीश्री ब्रांड घी के 4 सैपंल जांच के लिए गए हैं।
यहां भी लगभग 312 लीटर घी, जिसकी अनुमानित कीमत 1.34 लाख है को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जप्त किया गया।
नकली घी
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