इंदौर के इन बिल्डरों पर गोलियां चलवाने वाला था लॉरेंस विश्वनोई गैंग, नाम सुनकर हो जाएंगे हैरान
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर में बिल्डर और कारोबारियों से 5 से 15 करोड़ रुपए की वसूली की साजिश का खुलासा हुआ।
- लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकियां दी जा रही थीं।
- कई कारोबारियों और बिल्डरों की रेकी कर उन पर फायरिंग की तैयारी की गई थी।
- रतलाम के कुलदीप सिंह चौहान पर रेकी कर जानकारी जुटाने का आरोप है।
- मामले में अब तक गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग चलवाने वाला था बिल्डरों पर गोलियां
इंदौर में बिल्डर और बड़े कारोबारियों से पांच से लेकर 15 करोड़ की वसूली के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बड़ी तैयारी थी। बिल्डर विवेक दम्मानी द्वारा 14 अप्रैल को एफआईआर कराई गई थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की जांच में कई खुलासे हुए हैं। अब कोर्ट में पुलिस ने बताया कि कई लोगों पर फायरिंग की तैयारी हो गई थी।
लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग दे रही धमकियां
इंदौर के साथ मप्र में भी फरवरी माह से लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग द्वारा वसूली के लिए धमकियां आ रही हैं। इसमें खरगोन के कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के यहां तो गोलियां भी चलवाई गई थीं।
कुछ इसी तरह फायरिंग की तैयारी इंदौर में कई बिल्डरों के यहां हो गई थी। इन सभी से पांच से लेकर 15 करोड़ रुपए की राशि वसूलने की धमकी दी गई थी। इसका खुलासा खुद क्राइम ब्रांच पुलिस ने जिला कोर्ट में किया है।
रतलाम के कुलदीप के जरिए थी तैयारी
इस गैंग में एक गिरफ्तारी रतलाम से कुलदीप सिंह चौहान की भी हुई है। कुलदीप सिंह चौहान ने बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो कार से इंदौर कारोबारियों की रेकी की थी। इसके द्वारा ही इन सभी की जानकारी, फोटो, वीडियो, मोबाइल नंबर आदि राजपाल चंद्रावत को भेजे गए थे। इसके द्वारा वसूली का काम किया जा रहा था।
इन सभी पर करनी थी फायरिंग
इंदौर क्राइम ब्रांच ने जिला कोर्ट में कुलदीप सिंह चौहान की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अहम खुलासा किया। इसमें कुलदीप की याचिका का विरोध करते हुए उसे संगठित अपराध सरगना का सदस्य बताया। कुलदीप के जरिए विवेक दम्मानी, रंजन मित्तल, दिलीप राठौर, कुंवर सिंह और चेतन सिंह की रेकी की गई। इन सभी को डराने के लिए फायरिंग कराने की तैयारी थी।
इस कड़ी में सबसे पहले राठौर पर गोलियां चलवाई गई थीं। डराकर इन सभी से 5 से 15 करोड़ रुपए की वसूली का प्लान था। इसकी पहली कड़ी में फोन और वॉइस मैसेज किए गए थे। इसके बाद नहीं मानने पर फायरिंग की जाती थी। बिल्डर दम्मानी को 14 अप्रैल की सुबह साढ़े 10 बजे बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई।
लॉरेंस गैंग इन सभी को इंदौर में दे चुका धमकी
इंदौर में इस गैंग द्वारा दम्मानी के साथ ही संजय मोगरा (जैन), रंजन मित्तल, चेतन सिंह, कुंवर सिंह और मेवाड़ अस्पताल संचालक को धमकी दी जा चुकी है।
गैंग के ये सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार
वहीं डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी ने बताया कि
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