इंदौर में लिवर डोनेशन के लिए नाबालिग बेटी को मिली हाईकोर्ट से मंजूरी, पिता का आज या कल होगा ऑपरेशन

Sanjay Gupta | Jun 27, 2024, 11:06 IST
indore Liver Transplant
मध्‍य प्रदेश के इंदौर में शिवनारायण बाथम को लिवर की समस्या थी। उन्हें लिवर डोनेट करने के वाला कोई नहीं मिला तो बेटी प्रीति आगे आई। लेकिन समस्या उनके कम उम्र की आ गई। आज 27 जून सुबह इस मामले में सुनवाई हुई और बेटी को मंजूरी दी गई।

नाबालिग बेटी अब पिता की जान बचा पाएगी। राज्य सरकार की मंजूरी आने के बाद हाईकोर्ट इंदौर में गुरुवार सुबह ( 27 जून ) साढ़े दस बजे इस केस की विशेष सुनवाई हुई। इसमें हाईकोर्ट ने सभी तर्क सुनने के बाद याचिका को मंजूर कर दिया।



इसे जल्द से जल्द करने और पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए। हालांकि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट शो नहीं हो सकी, इसके लिए इसे भी हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट देने के लिए कहा गया, लेकिन लिवर डोनेट की मंजूरी दे दी गई।



आज या कल में हो सकेगा ऑपरेशन

लिवर डोनेट के लिए बताया गया कि आज या कल में ही ऑपरेशन संभव है, यदि हाईकोर्ट मंजूरी देता है। इसके बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने राज्य शासन से आई मंजूरी और मेडिकल बोर्ड फिटनेस रिपोर्ट की जानकारी होने पर लिवर का हिस्सा डोनेट करने की मंजूरी दे दी।



साथ ही कहा कि विस्तृत आदेश शाम को ही जारी कर दिया जाएगा। अधिवक्ता नीलेश मानोरे ने बताया कि अब कोई तकनीकी समस्या नहीं रही। आखिर बेटी को पिता को बचाने का मौका मिल गया है।



यह है मामला

हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर कर बेटी का मेडिकल फिटनेस टेस्ट करने और राज्य शासन को फैसला लेने का आदेश दिया। बेटी का मेडिकल फिटनेस तो सही आ गया, लेकिन शासन ने मंजूरी नहीं दी और फाइल भोपाल भेज दी।



इस पर 24 जून को फिर हाईकोर्ट ने फटकार लगाई तो 25 जून को मंजूरी जारी हुई, लेकिन यह हॉस्पिटल को भेज दी। इस पर फिर 27 जून को सुबह सुनवाई हुई और बेटी को मंजूरी दी गई।



sanjay gupta


thesootr links



सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें







Tags:
  • बेटी को मिली लिवर डोनेट की मंजूरी
  • लिवर डोनेट मामला
  • इंदौर लिवर डोनेट
  • MP Liver Transplant
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला