पहले मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में नहीं गईं विधायक मालिनी गौड़, फिर उनकी ही विधानसभा में उठाया पानी की किल्लत का मुद्दा
विजयवर्गीय की विधानसभा में पहुंचीं मालिनी गौड़
शुक्रवार को इंदौर विधानसभा एक के एक स्कूल में कार्यक्रम हुआ। यह विधानसभा क्षेत्र मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का है। पार्षद भावना मनोज मिश्रा ने 'सशक्त नारी, सशक्त भारत' कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें मालिनी गौड़ मुख्य अतिथि बनकर पहुंचीं।
गौड़ ने बताया कि वे इसी स्कूल में पढ़ी हैं। उन्होंने छात्राओं को लव जिहाद और सेल्फ डिफेंस को लेकर जागरूक किया। साथ ही बेटियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनने की सीख दी।
बैठक में नहीं जाने पर क्या बोलीं गौड़?
कार्यक्रम में मालिनी गौड़ से मंत्री की बैठक में नहीं जाने पर सवाल हुआ। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में भी पानी की समस्या है। वे कई बार यह मुद्दा उठा चुकी हैं। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
गौड़ ने बताया कि पानी की टंकी बन चुकी है। लेकिन अब तक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन नहीं डाली गई है। कई इलाकों में गंदा पानी आ रहा है। कुछ जगह लोगों को पानी ही नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि महापौर और जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा के साथ कई बैठकें की हैं। अधिकारियों से भी इस बारे में चर्चा हुई है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकला। ऐसे में बार-बार बैठकों में जाने का कोई मतलब नहीं है।
मुख्यमंत्री के सामने मिलकर बात रखने की बात कहीं गौड़
मालिनी गौड़ से पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी यह मुद्दा उठाएंगी? उनसे विधायकों के काम नहीं होने और अधिकारियों की सुनवाई नहीं करने पर भी सवाल हुआ।
इस पर गौड़ ने कहा कि सभी को मिलकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखनी होगी।
विजयवर्गीय की बैठक में कौन-कौन पहुंचा था?
गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सिटी बस ऑफिस में वॉटर क्राइसिस को लेकर बैठक बुलाई थी। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव शामिल हुए थे। विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा और महेंद्र हार्डिया भी पहुंचे थे।
सांसद शंकर लालवानी और मंत्री तुलसी सिलावट दूसरी बैठकों में व्यस्त थे। विधायक गोलू शुक्ला नवरात्रि पूजन में शामिल थे। उनकी जगह प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे थे। वहीं मालिनी गौड़ और मनोज पटेल बैठक में नहीं आए।
मंत्री बोले- शायद उनके यहां पानी की समस्या नहीं होगी
बैठक के बाद विजयवर्गीय से गैरहाजिर विधायकों को लेकर सवाल हुआ। उन्होंने कहा कि इसका जवाब उन्हीं विधायकों से पूछना चाहिए। अभी त्योहार भी चल रहे हैं। फिर उन्होंने कहा कि शायद उनके क्षेत्रों में पानी की समस्या नहीं होगी।
मंत्री के इसी बयान के अगले दिन मालिनी गौड़ ने अपने क्षेत्र की परेशानी बताई। उन्होंने साफ कहा कि पानी की समस्या है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
जल संकट से निपटने के लिए क्या तैयारी?
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि इस बार बारिश कम हुई है। शहर में अभी से बोरिंग को लेकर शिकायतें आने लगी हैं। कई इलाकों तक अब भी नर्मदा का पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में बोरिंग सूखने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक भी बुलाई जाएगी। फिलहाल बोरिंग पर रोक लगाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
हालांकि, जरूरत पड़ने पर आगे फैसले लिए जा सकते हैं। बोरिंग का अधिग्रहण भी किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि जमीन के अंदर का पानी बेचने के लिए नहीं है। ऐसे बोरिंग को निगम दोबारा अपने कब्जे में ले सकता है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो शहर को 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
FAQs
- मालिनी गौड़ ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बैठक में अनुपस्थिति की वजह क्या बताई?
मालिनी गौड़ ने बताया कि उन्होंने कई बार पानी की समस्या को उठाया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसलिए उन्होंने बैठकों में जाने का कोई मतलब नहीं समझा। - मालिनी गौड़ ने सशक्त नारी, सशक्त भारत कार्यक्रम में क्या मुद्दे उठाए?
गौड़ ने इस कार्यक्रम में छात्राओं को लव जिहाद और आत्मरक्षा के बारे में जागरूक किया और उन्हें मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनने की सीख दी। - कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक में शामिल न होने वाले विधायकों के बारे में क्या कहा?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो विधायक बैठक में नहीं आए, उनके क्षेत्रों में शायद पानी की समस्या नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार चल रहे हैं, संभवतः इससे भी कुछ विधायकों की अनुपस्थिति हुई होगी।