इंदौर महापौर का करीबी बताने वाले भागवत का ऑडियो, अधिकारी के नाम पर दो लाख की डील
इंदौर में कार्रवाई करने, नोटिस देने और फिर इसे रोकने के नाम पर रिश्वत का खेल पुराना है। भवन अधिकारी और इंस्पेक्टर के नाम पर यह लंबे समय से चल रहा है। अब ताजा मामला हवा बंगला जोन 14 से सामने आया है।
इसमें बेसमेंट के नाम पर सील दुकान पर कार्रवाई रुकवाने के लिए पवन भागवत नाम के व्यक्ति से भवन मालिक की बात होती है। यह भागवत खुद को महापौर पुष्यमित्र भार्गव का करीबी बताता है। इस ऑडियो में इंदौर के एक बड़े अधिकारी की बात कही जाती है। उनके नाम पर दो लाख रुपए मांगे जाते हैं। हालांकि अधिकारी का नाम खुलकर सामने नहीं आता है।
यह है मामला
हवा बंगला जोन में एक मकान के नीचे बेसमेंट में दुकान बनी है। इसे किराए पर दिया गया है। इसे बंद करने के लिए एरिया के भवन अधिकारी वैभव देवलासे का फोन जाता है कि इसे बंद करो, यह गैरकानूनी है। लेकिन कोई नोटिस जारी नहीं होता है।
इसके बाद नगर निगम बिल कलेक्टर सीबी सिंह राजपूत अगले दिन जाकर कागज चिपकाकर इसे सील कर देते हैं। दुकान से सामान भी नहीं निकालने दिया जाता है। इसके बाद भवन मालिक इसे खुलवाने के लिए संपर्क करता है और उसके संपर्क में पवन भागवत आता है। इसके बाद कई बार उससे फोन पर बात होती है।
एक नहीं, तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग
रिकॉर्डिंग नंबर 1-
मालिक- हां पवन भैय्या।
पवन- भैय्या नीचे बेसमेंट जो चल रहा है, तो रिस्पांस है या नहीं? फिर वैसी बात करूं।
मालिक- हां अच्छा चल रहा है, 20 हजार किराया मिलता है।
पवन- यदि रिस्पांस मिलता है तो ठीक, नहीं तो पार्किंग में तब्दील कर दो, क्योंकि वह राशि बहुत ज्यादा बोल रहे हैं।
मालिक- आप जैसा बोलो, कुछ लेना-देना हो तो कर लेंगे।
पवन- दो लाख रुपए बोल रहे हैं।
मालिक- दो लाख तो बहुत ज्यादा हैं भैय्या, ऐसे तो खाली पड़ा रहने देंगे।
पवन- फिर ऐसे ही चलने दो, मैंने अभी अधिकारी से डायरेक्ट बात नहीं की है।
मालिक- कोई ऊपर से परेशान कर रहा है भैय्या। मैं परेशान हो रहा था। मैंने पता किया तो एक ने बताया कि भैय्या अपने महापौर भार्गव जी के खास हैं। उनसे बात करता हूं, फिर आपसे बात की।
पवन- ठीक है, चलाओ अभी। मैं बोल देता हूं।
रिकॉर्डिंग 2-
मालिक- पवन भैय्या, वहीं आएंगे क्या लेने?
पवन- नहीं, वह नहीं आएंगे। वह तो अधिकारी हैं।
मालिक- तो क्या देना है, खर्चा-पानी?
पवन- वह 50 का बोल रहा था, 30-35 दे देना।
मालिक- क्या रसीद वगैरह देंगे वो?
पवन- अरे इसकी रसीद थोड़ी देते हैं। कोई परेशान नहीं करेगा।
मालिक- थोड़ा कम कराओ ना भैय्या।
पवन- अरे इसमें बार्गेनिंग नहीं होती है। मुझसे पूछ रहे थे कि आपको क्या देना है, तो मैं थोड़ी कुछ लूंगा। और वह इंदौर का बड़ा अधिकारी है। कोई छोटा-मोटा रहता तो यूं ही टरका देता।
मालिक- भैय्या थोड़ा कम कराओ ना। पहचाना क्या आपने मुझे? पुराने साथी हैं। शैलू भैय्या, आयुष रावल जी से तो अपन दिन भर मिलते रहते हैं, लेकिन विषय छोटा है तो आपको फोन लगाया।
रिकॉर्डिंग 3-
मालिक- हां पवन जी।
पवन- हां, हो गई है बात। उसे खर्चा-पानी दे देना। अब नहीं आएगा। निगम से एक लड़का आ जाएगा, उसे दे देना। मैंने बोल दिया है, चले जाना, आपका सम्मान कर देंगे वो।
मालिक- ठीक है, आप पहुंचा दीजिए, मैं आपको फोन लगा दूंगा।
क्या बोल रहे हैं जिम्मेदार
इस मामले में निगमायुक्त (आईएएस क्षितिज सिंघल) कहते हैं कि ऑडियो और तथ्यों की जांच करेंगे। वहीं भवन अधिकारी देवलासे कहते हैं कि इसे नोटिस दिया था। मुहिम कलेक्टर और निगमायुक्त के कहने पर हो रही है। पवन भागवत कौन है, इसकी जानकारी नहीं है।
वहीं पवन भागवत का कहना है कि मेरी भवन स्वामी से बात हुई थी, लेकिन रिश्वत और डील वाली कोई बात नहीं हुई है। यह गलत है। वह मुझसे मदद मांग रहे थे, तब मैंने मना कर दिया था कि मैं इसमें क्या कर सकता हूं।
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