मूर्ख बनाते हैं अधिकारी, कागज-कागज खेलते हैं और इमेज सरकार की खराब होती है- महापौर इंदौर
इंदौर नगर निगम में 6-6 आईएएस पदस्थ है, लेकिन मैदान पर काम नजर नहीं आ रहा है। पहली बार निगम में इतने आईएएस है। इसके बाद भी गुरुवार, 29 अक्टूबर की सुबह सुदामा नगर सेक्टर-डी के औचक निरीक्षण पर पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव का अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने दो टूक कहा आप लोग कागज-कागज खेलते रहते हो और यहां जनता परेशान होती रहती है। आपके कारण सरकार की छवि खराब होती है।
महापौर यह काम देखने पहुंचे थे
महापौर नियमित सुबह के दौरे के दौरान स्थानीय पार्षद जीतू राठौर के साथ क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया। क्षेत्र में हो रहे ड्रेनेज लाइन के काम में ठेकेदार की लापरवाही की शिकायतें सामने आईं। वहीं ए सेक्टर के बगीचे की बाउंड्रीवॉल का टेंडर होने के बावजूद वर्कऑर्डर की फाइल लंबे समय से अटकी होने का मामला भी सामने आया।
बुलाओ अधिकारियों को आप मूर्ख बनाते हैं
जनता की शिकायतें सुनने के बाद महापौर (Mayor Pushyamitra Bhargava) ने मौके पर ही टेबल लगाई और जोनल अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आप लोग जनता को मूर्ख बनाते रहते हो। सरकार काम करती है, लेकिन आप लोग काम नहीं करते। इससे सरकार की छवि खराब होती है। लोगों को लगता है कि हम उनके लिए काम नहीं करना चाहते। महापौर ने अधिकारियों से पूछा कि इस मामले में कौन जिम्मेदार है, उसे तत्काल मौके पर बुलाओ।
इसके बाद पहुंचे अधिकारी तो उन्हें सुनाया
इसके बाद मौके पर अधिकारी पहुंचे। महापौर ने कहा कि इसकी जांच कराओ और जो दोषी है उन पर कार्रवाई करो। यदि काम नहीं होना था तो फिर टेंडर क्यों हुआ और टेंडर हुआ तो फिर वर्क आर्डर क्यों नहीं दिया जा रहा है। इस पर पूरी नोटशीट बनाओ। साथ ही ऐसे सारे मामलों की लिस्ट बनाकर कमिशनर के पास रखकर इन्हें एमआईसी में पुटअप कराओ।
जिस काम मे देरी हुई उन सभी की लिस्ट बनाओ
महापौर ने कहा कि ऐसे सभी कामों की लिस्ट बनाई जाए जिसमें काम मे देरी हुई। महापौर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की लेटलतीफी से आम लोगों को बार-बार परेशान होना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों को भी रोज जनता की शिकायतें सुननी पड़ती हैं। ऐसे में छोटी-छोटी समस्याओं के लिए महापौर को मौके पर पहुंचकर फाइलें निकलवानी पड़ें, यह अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल है।
हाईकोर्ट ने भी लगाई थी फटकार
मंगलवार को ही एक केस में इंदौर हाईकोर्ट ने निगम अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। एक केस में निगम ने पुरानी धाराओं में ही अस्पताल पर डिमांड निकाल दी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि निगम जैसी संस्थाओं में ही अधिकारियों को काम का ज्ञान नहीं है। बेवजह इनके कारण लोगों को कोर्ट आना पड़ता है। अधिकारी जनता के पैसों से मुकदमेबाजी करते हैं। हाईकोर्ट ने एक लाख की कास्ट भी निगम अधिकारियों पर लगाई है।