इंदौर MIC का फैसला: जल अपव्यय पर 10 हजार की पेनल्टी, नल में मोटर लगाकर नहीं खींच पाएंगे पानी
इंदौर में MIC की बैठक में जल नीति पास
इंदौर नगर निगम की एमआईसी बैठक सोमवार देर शाम हुई। इसमें इंदौर की जल नीति सर्वसम्मति से पारित की गई। इसके तहत जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन को लेकर अहम फैसले लिए गए। अब जल का अपव्यय करने एवं नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर पानी खींचने पर पेनल्टी लगेगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, राजेश उदावत, नंदकिशोर पहाड़िया, अभिषेक बबलू शर्मा, जीतू यादव, प्रिया डांगी, मनीष शर्मा, समस्त अपर आयुक्त एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जल अपव्यय पर इस तरह लगेगी पेनल्टी
महापौर ने कहा कि जल नीति को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस नीति का प्रमुख उद्देश्य पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण करना, वर्षाजल का संग्रहण कर उसे भूजल के रूप में जमीन में पहुंचाना है। जल प्रबंधन में जवाबदेही निर्धारित करने और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रावधान भी किए गए हैं।
पानी का अपव्यय करने पर पहली बार 2 हजार रुपए, दूसरी बार 5 हजार रुपए तथा तीसरी बार एवं बार-बार ऐसा करने पर 10 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई जाएगी।
मोटर लगाने पर 10 हजार की पेनल्टी
महापौर ने बताया कि जल नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता अभियान चलेगा। साथ ही पानी का अपव्यय करने एवं निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
इसी प्रकार नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर पानी खींचने वालों के विरुद्ध पहली बार 5 हजार रुपए तथा दूसरी बार एवं बार-बार उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
ये भी लिए गए फैसले
वहीं, जल उपलब्धता के लिए भी फैसले हुए। इसके तहत 300 नए नलकूपों के खनन, 100 नलकूपों पर मोटर पंप लगाने तथा आवश्यकतानुसार अधिक हेड वाले मोटर पंप लगाने के कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई।
पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पर्याप्त टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 300 लीटर क्षमता के 11 नए ईवी ट्रक टैंकर तथा 8 हजार लीटर क्षमता के 22 नए सीएनजी ट्रक टैंकर खरीदने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
12 नवंबर से अवैध नल कनेक्शन को वैध करने का अभियान
शहर में जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने एवं नागरिकों को वैध जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 21 दिन का अभियान होगा। इसमें 12 नवंबर से लगातार 21 दिनों तक अवैध नल कनेक्शन को वैध करने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अब नए यूनिपोल नहीं लगेंगे
बैठक में निर्णय लिया गया कि इंदौर शहर में अब नए यूनिपोल स्थापित नहीं किए जाएंगे। शहर में यातायात व्यवस्था एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 140 नई गेंट्री के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
निगम के मार्केट विभाग द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार निगम की गेंट्री का संचालन किया जाएगा तथा विज्ञापन प्रसारण के लिए निर्धारित शुल्क लेकर विज्ञापन प्रदर्शित किए जाएंगे।
1800 कर्मचारियों को किया जाएगा नियमित
मेयर इन काउंसिल की बैठक में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश के पालन में नगर निगम के लगभग 1800 से अधिक कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया।
साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 3 हजार से अधिक सफाई संरक्षक के पदों पर संविदा नियुक्ति की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
ये भी हुए फैसले
बैठक में कायाकल्प योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के तहत सरवटे बस स्टैंड से जूनी इंदौर ब्रिज, चंद्रभागा होते हुए मच्छी बाजार चौराहे तक शेष सड़क के विकास कार्य के लिए दोबारा निविदा जारी करने का निर्णय लिया गया।
विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत मास्टर प्लान की सड़कों के विकास कार्य (पैकेज-2) के तहत एयरपोर्ट रोड से एमआर-5 को जोड़ने वाली लिंक रोड का विकास तथा एमआर-5 पर टाटा स्टील चौराहे से छोटा बांगड़दा गांव तक सड़क निर्माण के संबंध में भी निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही रेडिसन चौराहा फ्लायओवर एवं रोबोट चौराहा फ्लायओवर निर्माण के लिए स्टॉर्म वाटर लाइन के स्थानांतरण संबंधी कार्य को भी बैठक में रखा गया।