इंदौर में 700 करोड़ का MPM होम्स प्रोजेक्ट अटका, 4.82 करोड़ के विवाद के कारण टीएंडसीपी निरस्त
इंदौर के हाल ही के सबसे महंगे प्रोजेक्ट में से एक हैदराबाद की रियल एस्टेट कंपनी एमपीएम होम्स को तगड़ा झटका लगा है। पूरे 700 करोड़ के लग्जरी फ्लैट के प्रोजेक्ट में जमीन स्वामित्व का केवल 4 करोड़ 82 लाख का विवाद भारी पड़ गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया है। वहीं टीएंडसीपी ने प्रोजेक्ट की मंजूरी निरस्त कर दी है।
इंदौर ने एमपीएम होम्स पार्टनर अन्नपूर्णा माहेश्वरी, गिरीश मालपानी, श्रुति मालपानी पति गिरीश मालपानी के इस प्रोजेक्ट की टीएंडसीपी रद्द कर दी है। इस संबंध में संयुक्त संचालक टीएंडसीपी डॉ. शुभाशीष बैनर्जी ने आदेश जारी कर दिया है।
आश्चर्य की बात यह है कि यह लगभग 700 करोड़ का प्रोजेक्ट महज पांच करोड़ के लेन-देन विवाद के कारण अटक गया है। इसमें वह लोग उलझ गए हैं जिन्होंने पहले से ही यहां लग्जरी फ्लैट के लिए बुकिंग कर ली थी।
केवल 4.82 करोड़ का ये है विवाद
मेसर्स एमपीएम ने बिचौली हप्सी पटवारी हल्का नंबर 53 के सर्वे नंबर की 2.409 हेक्टेयर जमीन का सौदा अप्रैल 2019 में अमरजोत डेवलपर्स एंड फाइनेंस प्रा. लि. से किया था। यह सौदा 9.92 करोड़ रुपए में हुआ था।
इसमें पांच करोड़ नौ लाख रुपए का भुगतान हो गया है। वहीं बाकी 2.41 व 2.41 के दो पोस्ट डेटेड चेक (कुल 4.82 करोड़) अमरजोत कंपनी को दिए गए।
इसमें अगस्त और नवंबर 2019 को भुगतान की तारीख थी। इस पोस्ट डेटेड चेक के आधार पर रजिस्ट्री हो गई थी, लेकिन कंपनी द्वारा इस राशि का कभी भुगतान ही नहीं किया गया।
झूठा शपथ पत्र देने के कारण रद्द हुई मंजूरी
प्रोजेक्ट संचालकों ने रजिस्ट्री के आधार पर टीएंडसीपी से 8 जनवरी 2025 को मंजूरी ले ली थी। इस लेन-देन विवाद को लेकर मामला जिला कोर्ट में चल रहा था। वहीं टीएंडसीपी में प्रमोटर्स ने बताया कि जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं है और ना ही कानूनी वाद है। इसका शपथ पत्र भी दिया गया।
इस पर जमीन विक्रेता ने आपत्ति ली थी जिस पर टीएंडसीपी में सुनवाई चली। इसके बाद टीएंडसीपी ने शिकायत को सही पाया। आदेश में लिखा कि शपथपत्र दिया था जमीन पर कोई केस नहीं है।
जबकि इस पर सिविल वाद चल रहा है। इससे साफ है कि एमपीएम होम्स द्वारा आवेदन के साथ दिया शपथ पत्र झूठा है। इसलिए मंजूरी रद्द की जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया
उधर इस मामले में एमपीएम होम्स को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। दरअसल हाईकोर्ट इंदौर में विक्रेता अमरजोत ने याचिका लगाकर जमीन की रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की थी।
इस पर फैसला दिया था कि इसमें रजिस्ट्री रद्द नहीं हो सकती है। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जब केस आर्बिट्रेटर के पास चल रहा है तो इसमें हाईकोर्ट यह आदेश देकर मेरिट पहले से तय नहीं कर सकता है। इसलिए आदेश रद्द किया जाता है। आर्बिट्रेटर ही इसमें सभी पक्ष सुनकर फैसला लेगा।
नगर निगम से भी रद्द भवन मंजूरी
वहीं जब टीएंडसीपी ही रद्द हो गई है तो अब नगर निगम की भवन मंजूरी भी मान्य नहीं रहेगी। इसके लिए भी आवेदन हो गया है और टीएंडसीपी का आदेश बता दिया गया है।
उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह निगम द्वारा यह भी रद्द कर दी जाएगी।
प्रोजेक्ट पर पहले भी रोक लग गई थी
यह मामला कमर्शियल कोर्ट में आर्बिट्रेशन एंड कंसिलेशन एक्ट 1996 की धारा 9 के तहत गया। इसमें याचिकाकर्ता अमरजोत का कहना था कि जमीन उनकी थी। एमपीएम से सौदा हुआ लेकिन सौदे की पूरी राशि नहीं दी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रोजेक्ट पर अंतरिम तौर पर 90 दिन की रोक लगा दी थी।
कोर्ट ने कहा था कि- जमीन के स्वामित्व का इश्यू है। यदि वर्तमान जमीन पर कोई बदलाव किया गया और आगे प्रक्रिया की गई तो इससे थर्ड पार्टी (फ्लैट बिक्री से अन्य लोग भी पार्टी बनेंगे) के केस बढ़ेंगे।
इससे अन्य कानूनी पेचीदगी पैदा होगी। इसलिए इस मामले में प्रोजेक्ट पर रोक लगाई जाती है।
यह 700 करोड़ का प्रोजेक्ट है
बिचौली हप्सी, बायपास मेन रोड पर स्थित है। इसमें उपरोक्त जमीन पर 700 करोड़ रुपए के ग्रुप ऑफ हाईराइज बिल्डिंग प्रोजेक्ट को एम पी एम होम्स हैदराबाद के गिरीश मालपानी कर रहे हैं।
वह अपने साले इंदौर के बैग्स कारोबारी प्रतीक माहेश्वरी परिवार के साथ यह प्रोजेक्ट कर रहे हैं। इसमें माहेश्वरी की बहन और गिरीश की पत्नी श्रुति माहेश्वरी और उनकी मां अन्नपूर्णा माहेश्वरी, गिरीश के साथ डायरेक्टर हैं। प्रोजेक्ट बिचौली हप्सी में 6 एकड़ जमीन पर है।
यहां पर हाईराइज जी प्लस 12 मंजिला सात टावर बनेंगे। यहां पर चार और पांच बीएचके के लग्जरी फ्लैट बनेंगे, जो 2700, 4000 और 4600 वर्गफीट एरिया के हैं।
कुल फ्लैट एरिया दस लाख वर्गफीट हो रहा है। बुकिंग सात हजार रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से की जा रही है। यानी दस लाख वर्गफीट एरिया के हिसाब से कुल प्रोजेक्ट कीमत 700 करोड़ रुपए की होती है।
यहां प्रति फ्लैट कीमत इस हिसाब से एक करोड़ 90 लाख से लेकर तीन करोड़ 20 लाख रुपए तक होती है।
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