इंदौर वंदे मातरम् विवाद पर कांग्रेस ने गठित की जांच समिति, एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश

Sanjay Dhiman | Apr 15, 2026, 23:42 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इंदौर नगर निगम बैठक में घटी घटना की गंभीरता को लेकर एक जांच समिति का गठन किया। समिति को एक सप्ताह में निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इंदौर हमेशा से ही एक बड़ा केंद्र रहा है। लेकिन हाल ही में इंदौर नगर निगम की बैठक में जो कुछ हुआ, उसने कांग्रेस पार्टी की साख पर सवाल खड़े कर दिए। बात सिर्फ हंगामे तक नहीं रुकी, बल्कि यह मामला अब सीधे कांग्रेस के हाईकमान यानी दिल्ली तक पहुंच गया है। अनुशासन का डंडा अब उन नेताओं पर चलने वाला है, जो पार्टी की विचारधारा से हटकर काम कर रहे थे।



हरीश चौधरी ने बनाई विशेष जांच समिति

मप्र कांग्रेस के कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने इस पूरी घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि संगठन के भीतर अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्होंने तुरंत एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति कोई साधारण टीम नहीं है, बल्कि इसमें पार्टी के बड़े नेताओं को शामिल किया गया है जो सीधे हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।



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संजय दत्त और ऊषा नायडू करेंगे मामले की पड़ताल

इस जांच समिति में एआईसीसी (AICC) के सचिव और सह-प्रभारी संजय दत्त को रखा गया है। उनके साथ सह-प्रभारी उषा नायडू भी इस टीम का हिस्सा होंगी। इन दोनों ही नेताओं की छवि बहुत सख्त राजनेताओं की मानी जाती है। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि यह जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और तथ्य-आधारित हो। ताकि किसी के साथ भी अन्याय न हो और दोषियों को बख्शा भी न जाए।



सात दिन में देना है जांच रिपोर्ट

चौधरी ने इस समिति को सिर्फ सात दिनों का समय दिया है। एक सप्ताह के भीतर इन्हें पूरी घटना की गहराई से जांच करनी होगी। इसमें घटना में उन लोगों से बात की जाएगी जो उस दिन निगम की बैठक में मौजूद थे। समिति को यह भी देखना है कि क्या वहां हुई कार्रवाई कांग्रेस की मूल विचारधारा के विपरीत थी। अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसका राजनीतिक करियर खतरे में पड़ सकता है।



अनुशासन पर पार्टी अब "एक्शन मोड" में

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी अब "एक्शन मोड" में है। निगम बैठक के दौरान जिस तरह की गतिविधियां हुईं, उन्हें संगठन की छवि खराब करने वाला माना गया है। पार्टी अब अपने ही नेताओं से स्पष्टीकरण मांगेगी और तथ्यों के आधार पर अंतिम फैसला लेगी। राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि यह जांच आने वाले समय में पार्टी के भीतर बड़ी सर्जरी का इशारा दे रही है।



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