इंदौर नगर निगम में फिर भ्रष्टाचार, सब इंजीनियर ने टैंकर बिल के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने पकड़ा
क्या है पूरा मामला ?
फरियादी सोहेल पटेल ने इस संबंध में लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका पानी का टैंकर नगर निगम में अटैच है। टैंकर का तीन माह का बिल 1 लाख 12 हजार 500 रुपए है। इस बिल को पास करने के एवज में जोन क्रमांक 13 के सब इंजीनियर हर्ष गहलोत द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी। उन्होंने 6 हजार रुपए की मांग की थी।
दल बनाकर की गई कार्रवाई
फरियादी की शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को दल गठित कर कार्रवाई की गई। इस दौरान आरोपी हर्ष गहलोत को चाणक्यपुरी चौराहे पर हनुमान मंदिर के सामने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी 5 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त ने हर्ष गहलोत के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। लोकायुक्त के ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी, विजय सैलार, विवेक मिश्रा, आरक्षक मनीष माथुर, पवन पटोरिया और अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कार्रवाई अभी जारी है।
एआरओ के यहां भी पड़ चुका है छापा
इससे पहले लोकायुक्त ने अगस्त में नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे के यहां आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापा मारा था। इस कार्रवाई में करीब 5 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई थी। यह उनकी आय से 500 फीसदी अधिक थी।
बिल घोटाले में भी उलझे हैं अधिकारी
इससे पहले नगर निगम (Indore Municipal Corporation) के चर्चित 150 करोड़ रुपए के फर्जी बिल घोटाले में भी निगम के अधिकारी और ठेकेदार उलझे हुए हैं। इस मामले में इंजीनियर अभय राठौर को मुख्य आरोपी बनाया गया था। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास भी पहुंच चुकी है। आरोपी गिरफ्तार है।