इंदौर नगर निगम ने कचरा गाड़ी के शराबी ड्राइवर पर कसी नकेल, तैनात किए 60 ब्रेथ एनालाइजर
देश में सफाई में सिरमौर इंदौर में अब कचरा वाहन को कोई भी ड्राइवर शराब के नशे में नहीं चलाएगा। निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ ड्राइवर शराब के नशे में ही यह वाहन चलाते हैं। इससे आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। इसके बाद निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने 60 ब्रेथ एनालाइजरों की खरीदी कराई है। इससे ड्राइवर की जांच की जाएगी।
पहले मारो फूंक, फिर चलाओ गाड़ी
इंदौर शहर के 22 जोन के 85 वार्ड में 1,400 कचरा कलेक्शन गाड़ियां चलती हैं। इन्हें चलाने के लिए ढाई हजार ड्राइवर नियुक्त हैं। कई बार ऐसे भी मामले सामने आए जब ड्राइवर शराब पिए हुए थे, जिससे निगम की छवि धूमिल हुई
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के मुताबिक, अब ड्यूटी ज्वाइन करने से पहले कर्मचारियों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच होगी। ड्यूटी के दौरान शराब पिए हुए पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
साथ ही कचरा वाहनों में जो सफाई कर्मचारी कचरा कलेक्शन अथवा गाड़ी चलाने के काम में लगाए गए हैं, उनकी भी ब्रेथ एनालाइजर से जांच जरूरी होगी।
इस तरह लागू होगी योजना
अभी यह पहल पायलट प्रोजेक्ट के तहत की गई है। इसके बाद इसे जल्द ही शहर के सभी जनरल कार्यालयों में लागू कर दिया जाएगा।
हाल ही में बॉम्बे अस्पताल (बॉम्बे अस्पताल इंदौर) चौराहे पर एक नगर निगम का कर्मचारी डस्टबिन के पास शराब के नशे में धुत पड़ा हुआ था। द्वारकापुरी थाने में भी नगर निगम के कर्मचारियों ने शराब पीकर हंगामा किया था। वार्ड 28 का दरोगा ड्यूटी के दौरान ही शराब पीता हुआ पाया गया था। आईएएस क्षितिज सिंघल
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