इंदौर में सेवा से हटाए गए सात पटवारियों की नौकरी बचाने मिला अधिक रजिस्ट्री का टारगेट
वहीं, सोमवार 12 अक्टूबर से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम शुरू हो गया था। इसी बीच इंदौर से आई इस घटना से पटवारी संघ में हलचल मच गई है।
नौकरी बचाना है तो यह करो
इंदौर में सात प्रोबेशनर पटवारियों को नौकरी से हटाने के आदेश मंगलवार 13 अक्टूबर को सामने आए हैं। हालांकि, इन आदेशों पर 09 अक्टूबर की तारीख लिखी है। इसी दिन मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि यदि कलेक्टर काम नहीं करा पा रहे हैं तो उन्हें भोपाल बुलाया जाएगा।
पटवारियों को नौकरी से हटाने के आदेश सामने आते ही इंदौर जिला पटवारी संघ नाराज हो गया था। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की थी। उन्होंने सातों पटवारियों की बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने की मांग की है।
इस पर कलेक्टर ने कहा कि सरकारी योजना के काम में तेजी लाई जाए। बातचीत के दौरान पटवारी संघ ने एक दिन में 500 रजिस्ट्रियां करने की बात कही। इसके बाद कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि यदि काम में सुधार होता है और रजिस्ट्री की संख्या बढ़ती है, तो बर्खास्तगी के आदेश वापस लेने पर विचार किया जाएगा।
एक दिन में हुई 96 रजिस्ट्री
योजना के तहत पटवारियों ने काम शुरू कर दिया है और 96 रजिस्ट्री हो चुकी हैं। साथ ही, 200 और रजिस्ट्री तैयार हैं जो हो जाएंगी। वहीं पटवारी संघ ने साथियों की नौकरी बचाने के लिए सभी पटवारियों को संदेश दे दिया है कि वे अधिक से अधिक रजिस्ट्री करके दें, ताकि साथियों की सेवा समाप्ति का आदेश वापस हो सके। टारगेट है कि 500 की रजिस्ट्री तक पहुंचा जाए।
एक महीने से अधिक का समय लगेगा
रजिस्ट्री के लिए इंदौर में करीब एक लाख मामले हैं। माना जा रहा है कि इस काम में कम से कम एक माह का समय लगेगा। ऐसे में पटवारियों के अन्य राजस्व काम भी प्रभावित होंगे। हालांकि विवादित मामलों की रजिस्ट्री का काम अभी नहीं रखा जाएगा और इनकी सूची बनाकर कलेक्टर को दी जाएगी। जिसमें पारिवारिक विवाद वाले केस, जिसमें अधिकार अभिलेख बेच दिया गया है वह केस या अन्य विवाद वाले मामले हैं।
इन सात को किया था सेवा से बाहर
सांवेर तहसील में पटवारियों द्वारा स्वामित्व अधिकार वाली और फार्म रजिस्ट्री में काम नहीं करने पर कलेक्टर ने कार्रवाई की थी। इसमें सात प्रोबेशनर पटवारी शैलेष राठौर, रंजीत मंडलोई, सकलेंद्र सिंह, अदम्य त्रिपाठी, दीपा गुप्ता, शिवानी राजगुरु और संजय रजक की सेवा समाप्त कर दी गई थी।