इंदौर में राऊ के पेट्रोल पंप पर डीजल टैंक में मिला 22 लीटर पानी, हर लीटर पर 20 एमएल कम दे रहे थे डीजल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले की गाड़ियों में रतलाम के एक पेट्रोल पंप द्वारा डीजल के बजाए पानी डाल दिया था। उसके बाद प्रदेशभर के पेट्रोल पंप पर जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी के चलते इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में अफसरों ने राऊ क्षेत्र के एक पैट्रोल पंप को सील किया है। इसमें डीजल टैंक में पानी मिला है।
डीजल में पानी मिलने पर पेट्रोल पंप सील
राऊ इलाके में एक पेट्रोल पंप पर डीजल में पानी मिलने और ग्राहकों को तय मात्रा से कम डीजल देने की शिकायत सही पाई गई है। जांच में सामने आया कि भूमिगत टैंक में 22 लीटर पानी मिला और नोजल से हर 5 लीटर पर करीब 20 मिलीलीटर डीजल कम दिया जा रहा था। इस गड़बड़ी के चलते प्रशासन ने इस पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। जांच में यह भी सामने आया कि पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र (PUC सेंटर), फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं और इथेनॉल मिक्सिंग की जानकारी जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
यह अनियमितताएं मिलीं
इस पंप पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई यूनाइटेड ऑटो सर्विस (IOC कंपनी संचालित पेट्रोल पंप) राऊ पर की गई। जांच के दौरान यह भी पता चला कि पेट्रोल पम्प के मालिक संजय कुमार पिता तारांचद टूटेजा और पंप के प्रबंधक प्रिंस टूटेजा मौजूद हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं के हित में यह पंप आगामी आदेश तक सील कर दिया है। टैंक में मौजूद 890 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 82000 रुपये आंकी गई, उसे भी जब्त कर लिया गया है।
अब यह होगी कार्रवाई
डीजल के नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं और नापतोल विभाग से भी इस गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी। इस अभियान का मकसद है कि उपभोक्ताओं को शुद्ध और तय माप का ईंधन मिले और पेट्रोल पंपों पर बुनियादी सुविधाएं मौजूद रहें।
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