इंदौर पुलिस पर वारंट तामीली में लगे 22 तोला सोना लूट के आरोप में सीपी संतोष सिंह की चेतावनी- कठोर कार्रवाई होगी
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर पुलिस पर वारंट तामीली के दौरान सोना लूट का आरोप लगा।
- लसूड़िया थाने के पांच पुलिसकर्मी निलंबित हुए हैं।
- 22.50 तोला सोना और अन्य सामान चोरी का आरोप है।
- सीपी संतोष सिंह ने जांच के आदेश दिए।
- दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
INDORE. इंदौर के सबसे क्रीम थाना माने जाने वाले लसूड़िया थाने के पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। वारंट तामीली के दौरान जबरदस्ती घर में घुसने, मास्टर चाबी से घर खोलने, घर से 22.50 तोला सोना के साथ ही चांदी के सिक्के, मोबाइल, घड़ियां चोरी करने के आरोप लगे हैं।
इस मामले में शिकायतकर्ता गौरव जैन की शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने इसकी जांच कराई। प्रारंभिक जांच के बाद एसआई और चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन मामला यहीं नहीं थमने वाला है। सीपी सिंह ने इस मामले में कठोर चेतावनी दी है।
क्या बोले सीपी संतोष सिंह
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने मंगलवार 21 अप्रैल को इस मामले में पहली बार प्रतिक्रिया दी। सिंह ने कहा कि वारंट तामीली की जो प्रक्रिया होती है, इसे नियमानुसार नहीं पाया गया है। डीसीपी से जांच करने के लिए कहा था और इसके बाद पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।
मामले में अभी और जांच की जा रही है। यह जांचा जा रहा है कि ग्वालियर कोर्ट से जारी वारंट को क्या किसी ने रूचि लेकर और षड्यंत्रपूर्वक स्थानीय पुलिस अधिकारियों को विश्वास में लेकर यहां तामीली के लिए भेजा था। इस मामले में शुरू से अंत तक क्या हुआ है और किन लोगों की भागीदारी रही है, इसे जांचा जा रहा है।
चाहे पुलिसकर्मी हो या रिटायर्ड पुलिस अधिकारी
सीपी सिंह ने कहा कि अभी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, लेकिन यह भी देखा जा रहा है कि किसी तरह की आपराधिक गतिविधि तो नहीं हुई है। यदि यह पाई गई, तो पुलिसकर्मी हो, प्राइवेट व्यक्ति या फिर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हो, उस पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई होगी।
जांच होने से कुछ ही दिनों में यह होगा, जो भी इसमें शामिल होगा उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई होगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी।
इन पर हुई है कार्रवाई
लसूड़िया थाने के एसआई संजय विश्नोई के साथ ही प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा, प्रणित भदौरिया, रवींद्र कुशवाह, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा पर कार्रवाई हुई है।
यह लगे हैं गंभीर आरोप
मामला मध्य प्रदेश के इंदौर के हरिदर्शन अपार्टमेंट निवासी गौरव जैन से जुड़ा है। रिटायर्ड सीएसपी राकेश गुप्ता की शिकायत पर इनके खिलाफ ग्वालियर जिला कोर्ट से चेक बाउंस केस में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ। दोनों के बीच 65 लाख के लेनदेन का विवाद है। आरोप है कि एक अप्रैल की रात 11.45 बजे एसआई संजय विश्नोई के साथ यह पुलिसकर्मी तामीली के लिए गौरव के फ्लैट पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि घर में घुसने के दौरान पहले फ्लैट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। फिर नकली चाबी से ताला खोलकर पुलिसकर्मी घर में घुसे और घर की तलाशी ली। आरोप है कि इसी दबिश के दौरान जैन की पत्नी के 22.50 तोला सोने के जेवर गायब कर दिए गए। साथ ही चांदी के सिक्के, घड़ियां, मोबाइल व अन्य दस्तावेज भी लिए गए।
ऑनलाइन रिश्वत भी ली
इसके साथ ही गौरव ने प्रधान आरक्षक राकेश शर्मा पर 27 हजार रिश्वत मांगने के भी आरोप लगाए हैं। गौरव अपने वकील से संपर्क करना चाहता था, इसके लिए आरक्षक शर्मा ने 10 हजार रुपए दोस्त के खाते में और 17 हजार रुपए अपने बेटे के खाते में गौरव से लिए।
गौरव को थाने में ना रखते हुए पास के गेस्ट हाउस में रखा और आरोप है कि वहां भी रिटायर्ड सीएसपी राकेश गुप्ता के दो साथियों से पिटवाया।
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