इंदौर में पुलिस की हाईराइज मल्टी में पानी की किल्लत, पुलिस परिवार की महिलाओं ने फोड़े मटके
एक साल से पानी की समस्या, 900 परिवार परेशान
इंदौर में 15वीं बटालियन की हाईराइज मल्टी में पानी के लिए अभी से त्राहि-त्राहि मच गई है। इससे नाराज पुलिसकर्मियों के परिवारों ने विरोध जताया और गुस्से में मटके भी फोड़े। यहां करीब 900 परिवार रह रहे हैं। इनका कहना है कि एक साल से पानी की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
क्या बोल रहे हैं पुलिसकर्मियों के परिजन?
पुलिसकर्मियों के परिजनों ने कहा कि यहां हर महीने 1500 रुपए मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है। मल्टी में करीब 900 परिवार रहते हैं। इस तरह हर महीने 10 लाख रुपए से ज्यादा की राशि वसूली जाती है। इसके बावजूद मल्टी में कोई मेंटेनेंस नहीं होता है। पानी की किल्लत भी लगातार बनी हुई है।
कहां जा रही है लाखों की राशि?
यहां रह रहे पूर्व विधायक के पीएसओ शंकर सिंह बिष्ट ने कहा कि हर महीने लाखों रुपए मेंटेनेंस शुल्क दिया जा रहा है। इसके बावजूद पानी की किल्लत बनी हुई है। सुबह थोड़ी देर ही पानी मिलता है और वह भी फ्लैट में किचन की तरफ। बाथरूम में इस्तेमाल करने के लिए बाल्टी में पानी भरकर ले जाना पड़ता है। नीचे से पानी भरकर लिफ्ट के जरिए ऊपर लाना पड़ता है। यहां विधायक निधि से बोरिंग भी कराई गई है, लेकिन वह बंद पड़ी है।
पानी के अलावा भी कई समस्याएं
परिजनों ने कहा कि पानी के साथ ही यहां कई अन्य समस्याएं भी हैं। रहवासी रोशनी मिश्रा ने बताया कि वे छह साल से यहां रह रही हैं। यहां नरक जैसी स्थिति हो गई है। पहले दो-तीन साल तक सब ठीक था, लेकिन अब हालात बदतर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे इन समस्याओं को आईजी और डीआईजी तक पहुंचाएंगे।
अब यहां सिक्योरिटी गार्ड भी नहीं रहते हैं। लिफ्ट भी आए दिन बंद हो जाती है और कई बार बच्चे उसमें फंस चुके हैं। स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहती हैं।
ये हैं पुलिसकर्मियों के परिवारों की मांगें
पुलिसकर्मियों के परिजनों की मांग है कि पानी की समस्या दूर करने के लिए जल्द दो-तीन बोरिंग कराई जाएं। स्ट्रीट लाइटें ठीक की जाएं और लिफ्ट का मेंटेनेंस भी कराया जाए। उनका कहना है कि वे केवल अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।