इंदौर में सोसाइटी जमीन के जादूगरों को रेरा का झटका, शिवालिका रियलटीज के एड्रेस प्रोजेक्ट पर बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश में गृह निर्माण (हाउसिंग) सोसाइटी की जमीन पर सबसे ज्यादा खेल इंदौर में हुए हैं। इसे लेकर इंदौर में कई बार भू माफिया के खिलाफ अभियान चले हैं। अब रेरा ने इन जमीनों को लेकर एक बड़ा फैसला दिया है। इंदौर में पिपलिया कुमार स्थित एड्रेस कॉलोनी के एड्रेस टू फेज 3 की मंजूरी के आवेदन को रेरा ने खारिज कर दिया है। यह प्रोजेक्ट शिवालिका रियलटीज प्रा. लि. का है।
सोसाइटी की जमीन का यह था इश्यू
यह प्रोजेक्ट पिपलिया कुमार, जूनी इंदौर में विविध सर्वे नंबर की 1.216 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित है। इसमें रेरा ने पाया कि इस प्रोजेक्ट के सर्वे नंबर 23/3/5 की 0.139 हेक्टेयर जमीन नवनिर्माण गृह निर्माण सहकारी संस्था से साल 2006 में खरीदी गई थी। रेरा ने इस खरीदी के संबंध में नियमों का हवाला देकर संबंधित प्रमोटर से जानकारी मांगी थी।
रेरा ने जांच और जवाब के बाद यह पाया
रेरा ने जांच और संबंधित पक्ष के जवाब के बाद पाया कि इस जमीन की खरीदी के संबंध में म.प्र. कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट 1960 की धारा 38 व 39 व नियम 29 का पालन नहीं किया गया है। इस नियम के तहत संस्था के बायलॉज में जमीन खरीदी के संबंध में प्रावधान होने चाहिए।
साथ ही सबसे अहम है कि सहकारी संस्था द्वारा अपनी संपत्ति का विक्रय, हस्तांतरण या व्यवहार, रजिस्ट्रार की पूर्व मंजूरी के बिना वैधानिक रूप से संभव नहीं है। संबंधित शिवालिका रियलटीज के पास इस विक्रय संबंधी मंजूरी के दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में उनके द्वारा नवंबर 2006 में ली गई इस जमीन की रजिस्ट्री को विधिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता है।
यह लाने पर ही होगी मंजूरी
रेरा ने साफ कर दिया है कि चूंकि यह सोसाइटी की जमीन है, इसलिए इस संबंध में जब तक सहकारी समिति के पास वैध व पूर्व मंजूरी नहीं होगी, सर्टिफिकेट आदि दस्तावेज नहीं होंगे, जमीन के विक्रय को मान्यता नहीं दी जाएगी। भले ही इसमें संस्था द्वारा ही जमीन की रजिस्ट्री भी कराई गई हो।
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