इंदौर में फिर ब्रिज ब्लंडर: करोड़ों का पुल बनाया, लेकिन दो पिलर बनाना भूल गए ठेकेदार और इंजीनियर
पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से जनता परेशान
इंदौर में डबल जेड आकार का ब्रिज बनाने के बाद अब लोक निर्माण विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आ चुकी है। इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में बन रहे रेती मंडी ब्रिज का काम लगभग पूरा हो गया था।
इस ब्रिज पर पेंटिंग यानी रंगाई-पुताई तक का काम निपटा लिया गया था। वहीं तभी इसके मूल डिजाइन में एक बहुत बड़ी चूक पकड़ में आई है। अब पता चला है कि इस पूरे फ्लाईओवर को मजबूती देने के लिए जो दो जरूरी पिलर बनने थे वे जमीन पर बनाए ही नहीं गए।
इस बड़ी गलती के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में भोपाल के मैनिट से इसका स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया गया। रिपोर्ट आने के बाद अब फ्लाईओवर के नीचे दोबारा से 20 फीट गहरी खुदाई की जा रही है ताकि नए खंभे खड़े किए जा सकें।
इस वजह से जो ब्रिज इसी मार्च के महीने में आम जनता के लिए खुलने वाला था, उसका काम अब करीब 5 महीने आगे खिसक गया है।
स्लैब डालने की तैयारी के समय बड़ा खुलासा
यह पूरा मामला इस साल जनवरी के महीने में खुलकर सामने आया है। जनवरी में एबी रोड की तरफ जाने वाली भुजाओं को रेलवे वाली भुजा से जोड़ने का काम चल रहा था। इंजीनियर वहां स्लैब डालने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान डिजाइन को लेकर कुछ संदेह हुआ। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने भोपाल के मैनिट से इसका स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाया।
जब मैनिट की एक्सपर्ट टीम ने जांच की तो वे भी हैरान रह गए। टीम ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि टी-जंक्शन वाले मोड़ पर पूरे के पूरे फ्लाईओवर का भार केवल एक ही पिलर पर आ रहा है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यह डिजाइन की एक बेहद गंभीर और खतरनाक खामी है। इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
टीम ने वहां तुरंत दो अतिरिक्त पिलर बनाने की जरूरी सिफारिश कर दी है। इसके बाद विभाग ने ठेकेदार को नए सिरे से पिलर बनाने के आदेश जारी किए।
खुदाई का काम शुरू, शटरिंग तक पहुंचेगा पिलर
मैनिट की रिपोर्ट मिलने के बाद पिछले दिनों पहले पिलर को बनाने का काम शुरु हुआ। इसके लिए फ्लाईओवर के नीचे 20 फीट गहरी खुदाई का काम पूरा किया गया।
बीते शुक्रवार से इस खोदे गए हिस्से में कांक्रीट भरने का काम भी शुरू कर दिया गया है। जब यह पहला पिलर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दूसरे पिलर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि, ब्रिज के ऊपरी हिस्से तक कांक्रीट का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। विभाग की तैयारी तो यह थी कि फरवरी के आखिरी हफ्ते तक आवाजाही यानी ट्रैफिक शुरू करवा दिया जाए।
अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अभी जमीन के नीचे फाउंडेशन बनाए जा रहे हैं। इसके बाद पिलर कैप बनाई जाएगी जो ऊपर की स्लैब के लिए लगी शटरिंग को छुएगी।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति
| विषय / कार्य का हिस्सा | वर्तमान स्थिति और प्रभावित आंकड़े |
| काम शुरू होने का समय | अक्टूबर 2023 से निर्माण जारी है |
| लापरवाही का स्तर | रंगाई-पुताई के बाद डिजाइन में 2 जरूरी पिलर (खंभे) गायब मिले |
| ऑडिट करने वाली संस्था | मैनिट (MANIT), भोपाल द्वारा स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया |
| काम में देरी (Delay) | ब्रिज का काम अपने तय समय से करीब 5 महीने पिछड़ गया है |
| रोज प्रभावित होने वाले लोग | लगभग 50,000 लोग रोज परेशान हो रहे हैं |
| प्रभावित कुल आबादी | राजेंद्र नगर क्षेत्र के करीब 2 लाख लोग सीधे प्रभावित हैं |
| राजेंद्र नगर साइड का काम | काम दोबारा शुरू होने में अभी 15 से 20 दिन का समय लगेगा |
हजारों लोग रोज भुगत रहे गलती का खामियाजा
लोक निर्माण विभाग की इस भारी लापरवाही का सीधा नुकसान वहां के स्थानीय लोगों को उठाना पड़ रहा है। विभाग फरवरी के अंत तक एबी रोड वाली साइड का ट्रैफिक शुरू करने का दावा कर रहा था।
जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट पहले ही तीन महीने लेट चल रहा था। अब इस नई चूक के बाद इसके और भी ज्यादा लेट होने की पूरी आशंका बन गई है।
इस लेती-लतीफी का सीधा असर राजेंद्र नगर क्षेत्र की लगभग दो लाख की आबादी पर पड़ रहा है। इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाले गाड़ी चालकों को धूल और लंबे जाम से जूझना पड़ रहा है।
इसके साथ ही रास्ता बंद होने और निर्माण कार्य खिंचने की वजह से इस पूरे इलाके का व्यापार भी प्रभावित हुआ है। इससे स्थानीय दुकानदार बेहद परेशान हैं।
काम शुरू होने में लगेंगे 15 से 20 दिन
वहीं ब्रिज के दूसरे हिस्सों की बात करें, तो रेलवे पटरी के ठीक ऊपर बनने वाला स्पान रेलवे की तरफ से पूरा बनाया जा चुका है। इसके साथ ही पटरी से सटा हुआ जो हिस्सा एबी रोड की तरफ जाता है, वह भी लगभग बनकर तैयार है।
राजेंद्र नगर की तरफ जो हिस्सा रेलवे स्पान से जुड़ता है, वहां काम शुरू होने में अभी 15 से 20 दिन का समय और लग जाएगा।
वहां पहले नए पिलर की नींव यानी फाउंडेशन बनाई जाएगी। इसके बाद पिलर खड़ा होगा और उसके बाद पिलर कैप का काम पूरा किया जा सकेगा।
ड्रॉइंग में रह गई थी कमी
लोक निर्माण विभाग (ब्रिज सेल) के कार्यपालन यंत्री विनोद बरकने ने बताया कि, ब्रिज के जंक्शन हिस्से को चौड़ा करने के लिए नीचे दो नए पिलर बनाए जा रहे हैं। शुरुआत में ब्रिज का प्रपोजल तैयार हुआ।
इसके आधार पर जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग बनी और फिर ठेकेदार ने फाइनल डिजाइन ड्रॉइंग बनाई। उस ड्रॉइंग में कुछ कमी रह गई थी। अब एमएएनआईटी से मिले सुझाव के मुताबिक डिजाइन में बदलाव करते हुए ये दो पिलर बनाए जा रहे हैं।
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