इंदौर में सफाईकर्मियों के आंदोलन पर महापौर ने कहा- कांग्रेस उकसा रही, पूर्व मंत्री वर्मा बोले- नेता, अधिकारी जिम्मेदार

Sanjay Gupta | Oct 07, 2026, 19:44 IST
इंदौर सफाईकर्मी आंदोलन पर, महापौर भार्गव (काले कोट में) और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (सफेद शर्ट में) आमने-सामने
इंदौर में सोमवार से सफाईकर्मियों का आंदोलन चल रहा है, जिससे शहर की हालत बेहद खराब हो गई है। इन आंदोलनकारियों का गुस्सा बीजेपी नेताओं पर बढ़ता ही जा रहा है और इस पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। महापौर का कहना है कि कांग्रेस इस सबको भड़का रही है।
Indore sanitation workers’ protest sparks a political face-off, with the mayor blaming Congress and former minister Verma holding leaders and officials responsible.

इंदौर नगर निगम को लेकर जैसा कि द सूत्र लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है कि पहली बार यहां पर 6-6 आईएएस पदस्थ हैं। लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं संभल रहे हैं। अब जिस पदक (मेडल) के चलते इंदौर का नाम देश में हैं, वह खतरे में आ गया है। देश के सबसे साफ शहर इंदौर में सोमवार से सफाईकर्मी हड़ताल (Sweeper's strike) पर है और सड़कों पर गंदगी फैलने लगी है। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस भी आमने-सामने आ गए हैं।



पूर्व मंत्री ने महापौर, निगमायुक्त, कलेक्टर को घेरा

इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि स्वर्ग जैसा मेरा शहर इंदौर है लेकिन इसे बीजेपी के नेता और अधिकारी नरक बना देना चाहते हैं। इसमें महापौर, कलेक्टर और निगमायुक्त मुख्य रूप से दोषी है। सफाईकर्मियों ने मेहनत से आठ बार सफाई का मेडल दिलवाया लेकिन उनकी मांगे नहीं सुनी जा रही हैं। मेहरबानी करके इनसे चर्चा कर बात सुनिए और मांगे मानिए।



महापौर बोले कांग्रेसी उकसा रहे हैं

वहीं इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव (Mayor Pushyamitra Bhargava) ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बात रखने का सभी को अधिकार है। निगम सभी की उचित मांग सुनता है। लेकिन इस मामले मे योजनाबद्ध तरीके से इंदौर की छवि खराब करने के लिए सड़कों पर कचरा, गंदगी डालना निंदनीय है। सफाई कर्मचारियों से अपील है कि उनकी मांग जहां तक पहुंचाना है वहां तक पहुंचाएंगे। लेकिन चोरी-छिपे शहर को खराब करना, गंदगी फैलाना यह निगम, शहर कर्मचारी किसी के हित में नही है। इसमें पीछे से बढ़ावा देने वाले लोग भी है जिनकी जानकारी निगम को मिली है। उस पर भी संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं।



कांग्रेस ने कभी शहर की सफाई अभियान (cleaning campaign) में साथ नहीं दिया लेकिन शहर को खराब करने और बदनाम करने के लिए उकसा रहे हैं। यह भ्रम की राजनीति कर रहे हैं।



बीजेपी नेत्री से विवाद ने और भड़का दिया

इस विवाद को बीजेपी नेत्री के साथ विवाद ने बुधवार को और भड़का दिया। दरअसल सफार्ई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विजनयगर में हो रहे बीजेपी सेवा संकल्प आयोजन में पहुंचे थे। लेकिन यहां बीजेपी नेत्री ने कुछ अपशब्द कह दिए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.



कचरे के ढेर पर रखे महापौर के पोस्टर

इसके पहले सुबह कांग्रेस नेता गिरीश जोशी, विवेक खंडेलवाल एवं विभाष शर्मा ने सफाई व्यवस्था और सफाई मित्रों की लंबित मांगों को लेकर कांग्रेस निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शहर में जमा कचरे के ढेर के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों पर लिखा था- “महापौर एक काम करो, कचरे के ढेर में …”, साथ ही “सफाई मित्रों की मांगें पूरी करो, इंदौर को कचरा मुक्त करो”।



यह है सफाई कर्मचारियों की मांगे

सफई कर्मचारियों की मांग है कि लंबे समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। एनजीओ/ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को स्थायी रोजगार दिया जाए। मेडिकल आधार पर पात्र परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। विनियमित कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से स्थायी मानने की मांग। लंबित वेतन-भत्तों और सेवा लाभों का निराकरण।



  1. इंदौर नगर निगम में सफाईकर्मियों की हड़ताल का कारण क्या है?
    इंदौर नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल का मुख्य कारण उनकी लंबित मांगें हैं, जिनमें नियमितीकरण, समान वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करना और मेडिकल आधार पर नौकरी की अनुकंपा शामिल हैं।
  2. बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मामले में क्या विवाद चल रहा है?
    बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर विवाद चल रहा है, जहाँ कांग्रेस के नेता पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने महापौर और निगम अधिकारियों को दोषी ठहराया है, जबकि महापौर ने कहा है कि कांग्रेस शहर की सफाई अभियान में कभी सहायक नहीं रही और केवल राजनीति कर रही है।
  3. सफाईकर्मियों की मांगों में क्या शामिल है?
    सफाईकर्मियों की मांगों में नियमितीकरण, समान वेतन, एनजीओ/ठेका प्रथा समाप्त करना, मेडिकल आधार पर अनुकंपा नियुक्ति, और ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु पर उनके परिवार के लिए नौकरी देने की मांग शामिल है।
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