इंदौर में कॉपी-किताब की मोनोपोली पर बड़ी कार्रवाई- स्कूल संचालक और प्राचार्य पर FIR दर्ज

Sanjay Dhiman | Apr 11, 2026, 20:32 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर कलेक्टर के आदेश पर किताबों की मोनोपोली करने वाले स्कूलों पर FIR दर्ज। गांधीनगर और महू के स्कूलों में मची खलबली, अभिभावकों को मिली बड़ी राहत।

News in Short

  • स्कूलों पर FIR: किताबों की मोनोपोली करने पर इंदौर के दो बड़े स्कूलों पर FIR दर्ज।
  • कलेक्टर का एक्शन: कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शिक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई।
  • अभिभावकों की शिकायत: हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कर धांधली पकड़ी।
  • जबरन वसूली बंद: स्कूल अब किसी खास दुकान से महंगी किताबें खरीदने का दबाव नहीं बनाएंगे।
  • हेल्पलाइन नंबर जारी: प्रशासन ने नंबर 0731-2431117 पर शिकायत दर्ज करने को कहा।

News in Detail

इंदौर के शिक्षा जगत में एक बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां स्कूल संचालक और किताब विक्रेता के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यह उन स्कूलों पर कड़ी नजर रखने का संकेत है जो किताबों और स्टेशनरी की खरीद में मनमानी करते हैं।



वर्ल्ड पीस स्कूल और सांई एकेडमी पर गिरी गाज

गांधीनगर स्थित डॉ. विश्वनाथ कराडा गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। यहां के प्राचार्य और संचालक अभिभावकों पर दबाव बना रहे थे। उन्हें कहा जा रहा था कि किताबें सिर्फ स्कूल की बताई दुकान से ही लें। जब जांच दल स्कूल पहुंचा, तो प्राचार्य ने खुद अपनी गलती लिखित में मान ली।



इसी तरह का खेल महू के श्री सांई एकेडमी, डोंगरगांव में भी चल रहा था। यहां की किताबें सिर्फ 'विद्याश्री स्टेशनरी' पर ही उपलब्ध थीं। पालकों ने शिकायत की कि उन्हें महंगे दाम पर कोर्स खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कलेक्टर के हेल्पलाइन नंबर पर आई एक कॉल ने इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया।



नियम तोड़ने वालों के लिए अब जेल की तैयारी

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया है। इसका मतलब साफ है- अगर कोई स्कूल संचालक या दुकानदार अपनी मनमानी करेगा, तो पर कठोर कार्रवाई की जा सकेगी।



अभिभावकों के लिए प्रशासन का 'सुरक्षा कवच'

कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ शब्दों में कहा है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं है। अगर कोई स्कूल आपको किसी खास दुकान से सामान लेने पर मजबूर करता है, तो आप चुप न रहें।



प्रशासन ने इसके लिए बाकायदा एक हेल्पलाइन नंबर 0731-2431117 जारी किया है। आप ऑफिस टाइम में इस पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आपकी एक शिकायत इन 'किताब माफिया' का खेल बिगाड़ सकती है।



ग्राउंड रिपोर्ट: आखिर क्यों होती है यह मोनोपोली?

जानकारों का कहना है कि स्कूलों और स्टेशनरी दुकानों के बीच मोटा कमीशन सेट होता है। स्कूल जानबूझकर ऐसी किताबें चुनते हैं जो बाजार में आसानी से नहीं मिलतीं। फिर उन किताबों को ऊंचे दामों पर एक खास दुकान के जरिए बेचा जाता है।



इंदौर जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो हर साल शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में इस आर्थिक बोझ तले दब जाते थे।



शिक्षा माफिया और मानमानी फीस



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