इंदौर कलेक्ट्रेट में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, बदले 5 एसडीएम, कार्य विभाजन आदेश भी जारी
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नया कार्य विभाजन आदेश जारी किया है। यह आदेश 13 जुलाई 2026 को जारी हुआ है। इसमें जिले के 11 अधिकारियों को अलग अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। राऊ, सांवेर, देपालपुर, खुडैल और हातोद के लिए नए एसडीएम बनाए गए हैं। यह आदेश आगामी आदेश तक तत्काल प्रभावशील रहेगा।
इंदौर जिला प्रशासन में कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। आदेश की क्रमांक संख्या 667/स्थापना/2026 है।
इस आदेश का मकसद प्रशासनिक कार्य में सुविधा लाना बताया गया है। जिले में तैनात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच काम का साफ बंटवारा किया गया है। इससे आम लोगों को अपने काम के लिए सही अधिकारी से मिलने में आसानी होगी।
किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
आदेश के मुताबिक कुल 11 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से पांच अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी और दंडाधिकारी यानी एसडीएम (SDM – Sub Divisional Magistrate) के तौर पर काम करेंगे। बाकी छह अधिकारी कलेक्ट्रेट की अलग अलग शाखाओं के प्रभारी बनाए गए हैं।
एसडीएम स्तर के अधिकारी
संयुक्त कलेक्टर लोकेन्द्र सिंह सरल को राऊ का एसडीएम बनाया गया है। उनके पास राऊ, द्वारकापुरी, अन्नपूर्णा, चंदन नगर और राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी रहेगी। वे राजस्व मामलों के साथ दंडात्मक कार्य भी देखेंगे।
डिप्टी कलेक्टर हरिशंकर विश्वकर्मा को सांवेर का एसडीएम बनाया गया है। उनके क्षेत्र में सांवेर, क्षिप्रा और चंद्रावतीगंज थाना शामिल हैं।
डिप्टी कलेक्टर चरणजीतसिंह हुडा देपालपुर के एसडीएम होंगे। इनके पास देपालपुर, बेटमा और गौतमपुरा थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी रहेगी।
संयुक्त कलेक्टर राहुल गुप्ता को खुडैल का एसडीएम बनाया गया है। उनके पास खुडैल थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार सिंह हातोद के एसडीएम होंगे। उनके क्षेत्र में हातोद थाना शामिल है।
इन सभी एसडीएम को राजस्व प्रकरणों के निराकरण, दांडिक कार्य और अन्य विविध प्रभार भी सौंपे गए हैं। इनमें वक्फ बोर्ड संबंधी कार्य, नजूल अधिकारी का काम, बीपीएल (BPL – Below Poverty Line) कार्ड संबंधी काम और शस्त्र लायसेंस अनुशंसा शामिल है। माता-पिता भरण-पोषण अधिनियम का क्रियान्वयन भी इनकी जिम्मेदारी में है।
अन्य प्रभारी अधिकारी
संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को रीडर टू कलेक्टर शाखा, नजूल शाखा, सहकारिता और धर्मस्व शाखा का प्रभार मिला है। उनके पास कॉलोनी सेल और सीएसआर (CSR – Corporate Social Responsibility) संबंधी कार्य भी रहेंगे।
डिप्टी कलेक्टर अलका सिंह वामनकर को स्थापना शाखा, लेखा शाखा और भू-अर्जन शाखा जैसी 12 शाखाओं का प्रभार दिया गया है। वे विधानसभा प्रश्नों की सहायक नोडल अधिकारी भी होंगी।
डिप्टी कलेक्टर विनोद राठौर को जिला शहरी विकास अभिकरण का प्रभारी परियोजना अधिकारी बनाया गया है। उनके पास आपदा प्रबंधन एवं राहत शाखा की जिम्मेदारी भी है।
संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल को नजारत शाखा के साथ एनएचएआई (NHAI – National Highways Authority of India) भू-अर्जन मुआवजा प्रकरणों का काम मिला है। उनके पास लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा भी रहेगी।
डिप्टी कलेक्टर धर्मेन्द्र चौकसे मानवाधिकार आयोग के पत्रों के जवाब भेजने का काम देखेंगे। उनके पास भारतीय नागरिकता एवं पासपोर्ट संबंधी कार्य भी हैं।
डिप्टी कलेक्टर दिलीप वर्मा को समाधान ऑनलाइन, ई-ऑफिस और एनजीटी (NGT – National Green Tribunal) शाखा का प्रभार दिया गया है।
आदेश की प्रतिलिपि किसे भेजी
यह आदेश मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को भी भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि इंदौर संभाग आयुक्त, पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त को भी दी गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर को भी सूचना भेजी गई है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभावशील होगी। यानी नए अधिकारी अभी से अपना काम संभाल सकते हैं। यह बदलाव आम लोगों के दैनिक कामकाज जैसे राजस्व मामलों और शिकायतों पर सीधा असर डालेगा।
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