इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को झटका, मुआवजा नहीं लेने वाले किसान की जमीन लेने पर लगी रोक
इंदौर-उज्जैन के बीच बन रहे अहम 48 किमी लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को झटका लगा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर ने किसानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसमें निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत जिन किसानों ने मुआवजा राशि नहीं ली है, उनसे जमीन नहीं ली जा सकेगी। यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर तक है। इंदौर में इसके लिए लगभग 650 करोड़ का मुआवजा अवार्ड पारित हुआ है।
इसलिए हुआ फैसला...
अधिवक्ता पूनम महाजन ने बताया कि योजना में हातोद तहसील इंदौर के ग्राम सागवाल की 16.496 हेक्टेयर जमीन भी है। किसान अधिग्रहण के विरोध में हैं। उन्होंने ही यह याचिका लगाई है।
किसानों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन ने 13 फरवरी 2026 को सुनवाई में कहा था कि जमीन अधिग्रहण कानून के सभी अधिनियमों का पालन होगा। इसका पालन नहीं हो रहा है। जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कार्रवाई रोकने की मांग की थी।
कुछ किसान ले चुके मुआवजा
वहीं सुनवाई के दौरान शासन ने कहा कि याचिका करने वालों में से कुछ किसान मुआवजा ले चुके हैं। कुछ और मुआवजा लेने के लिए तैयार हैं। इस पर कोर्ट ने माना कि याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
यदि इस दौरान जमीन पर कब्जा ले लिया जाता है, तो फिर याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। इसलिए जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन पर स्थिति यथावत रखी जाए।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर में किसानों की ट्रैक्टर रैली-ग्रीनफील्ड कॉरिडोर व भावांतर योजना का विरोध
भोपाल-नागपुर हाईवे के चौड़ीकरण का फैसला अटका, शर्तों में फंसा NH-46
MP में बन रहा 526 किमी का इकोनॉमिक कॉरिडोर, भोपाल-कानपुर की दूरी सिर्फ 6 घंटे
इंदौर में 700 करोड़ का MPM होम्स प्रोजेक्ट अटका, विवाद के कारण टीएंडसीपी निरस्त