एमपी के दो जिलों में 3 हजार करोड़ की लागत से बनेगी सड़क, हजारों किसानों को होगा फायदा

Sanjay Dhiman | Mar 07, 2026, 22:12 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश का इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड परियोजना ₹3,000 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और 26 गांवों को लाभ होगा।

News in Short

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड परियोजना ₹3,000 करोड़ में बनेगी।
  • दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधा घंटा रह जाएगा।
  • इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांवों को फायदा होगा।
  • परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
  • किसानों को 816 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवजा मिलेगा।

News in Detail

Indore. मध्य प्रदेश में अब इंदौर और उज्जैन को जोड़ने वाली एक अहम सड़क परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है, जिसे 3 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय मात्र आधे घंटे का रह जाएगा। इससे न सिर्फ यात्रा की सुगमता बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी तेजी आएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सीधा फायदा स्थानीय गांवों और किसानों को मिलेगा।



इंदौर और उज्जैन का जुड़ाव बढ़ेगा

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले के सांवेर के किसानों से मुलाकात की और इस परियोजना पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क परियोजना औद्योगिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से देश के प्रमुख शहरों के बीच संपर्क को और बेहतर बनाएगी। इंदौर-उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ने से इस क्षेत्र का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।



26 गांवों के किसानों को मिलेगा फायदा

इस परियोजना का मुख्य लाभ इंदौर और उज्जैन के 26 गांवों को होगा। इन गांवों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने से उनकी यात्रा में समय की बचत होगी और क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। खासकर सिंहस्थ मेला के दौरान यह मार्ग बेहद उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री ने किसानों के सुझावों को प्राथमिकता दी है और इस परियोजना के तहत किसानों को उचित मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।



फायदा किसानों को – मुआवजा राशि की घोषणा

जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी इस परियोजना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की समस्याओं को समझते हुए इस परियोजना को स्वीकृति दी है। अब किसानों को इस परियोजना के तहत 816 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। यह परियोजना किसान और सरकार के बीच एक मजबूत विश्वास का प्रतीक बनेगी।



किसानों के हितों का रखा जाएगा ध्यान

राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए इस परियोजना के लिए मुआवजा व्यवस्था कर रही है। इससे किसानों को अपने जमीन का उचित मूल्य मिलेगा और उन्हें आर्थिक रूप से कोई नुकसान नहीं होगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि इस परियोजना के चलते कोई भी किसान परेशानी में नहीं आएगा।



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