उमंग सिंघार ने लगाए आरोप, फर्जी डाक्यूमेंट से लिए स्वच्छता अवार्ड

Sanjay Dhiman | Jan 08, 2026, 18:11 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर पर फर्जी दस्तावेजों से 8 स्वच्छता अवार्ड लेने का आरोप नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लगाए है। दूषित पानी से मौतों के बाद विपक्ष ने मेयर के इस्तीफे की मांग की है।

BHOPAL. इंदौर को 'भारत का सबसे स्वच्छ शहर' का अवॉर्ड मिलता रहा है, लेकिन अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि इंदौर ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर आठ बार स्वच्छता अवॉर्ड प्राप्त किया। उनका कहना है कि यह सब प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण हुआ है। इसे एक गंभीर मुद्दा माना जाना चाहिए।



कमिश्नर पर गैर-इरादतन हत्या का केस हो

सिंघार ने आरोप लगाया कि इंदौर का भागीरथपुरा कांड एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नगर निगम कमिश्नर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए और मेयर को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सिंघार ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धर्म और राजनीति का सहारा लिया। जनता के मूल अधिकार, जैसे स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य, और शिक्षा की अनदेखी की गई।



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स्वच्छता अवॉर्ड पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि जिस शहर में नलों से जहरीला पानी आ रहा है, वहां उसे लगातार स्वच्छता अवॉर्ड कैसे मिलते रहे? उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारियों को पता था कि कैसे दस्तावेज़ तैयार किए गए थे, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकाला गया। यदि सब कुछ सही था, तो फिर क्यों दूषित पानी पीने से मौतें हुईं?



दूषित पानी पीने से मौतें, प्रशासन का पर्दाफाश

सिंघार ने आरोप लगाया कि जब वह प्रभावित परिवारों से मिलने गए, तो प्रशासन ने उन क्षेत्रों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। पीड़ितों से मिलना मुमकिन नहीं हुआ। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या सरकार सच्चाई छिपाना चाहती है।



क्या सरकार लोगों को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर कर रही है? उन्होंने भागीरथपुरा कांड का उदाहरण दिया, जहां करीब 2,000 लोग दूषित पानी से प्रभावित हुए हैं। सरकारी जांच में मल से संबंधित बैक्टीरिया पाए गए हैं।



सीवेज लाइन के टेंडर में घोटाला

सिंघार ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन के काम को पिछले ढाई साल से कमीशन के खेल में अटका रखा गया था। उन्होंने सवा सौ करोड़ के फर्जी टेंडर और बिलों का खुलासा किया। टेंडर में एक दिन में पांच किलोमीटर सीवेज लाइन डालने के असंभव दावे किए गए। इसके बावजूद अधिकारियों ने भुगतान किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के बीच जाने के बजाय रात के समय संघ कार्यालय में बैठकें करते रहे।



मुख्यमंत्री, मेयर और जिम्मेदारों पर हमला

नेता प्रतिपक्ष ने सीएम और मेयर पर हमला करते हुए कहा कि जब आप सत्ता में होते हैं, तो जिम्मेदारी भी आती है। क्या वे इस कांड के बाद भी आत्ममंथन करेंगे या नहीं? सिंघार ने कहा कि अगर इंदौर में पानी की स्थिति ऐसी है, तो भोपाल समेत अन्य शहरों में भी वॉटर ऑडिट कराना चाहिए।



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पीड़ित परिवारों को मिले दो करोड़ की मदद

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि नगर निगम कमिश्नर और मेयर पर एफआईआर दर्ज हो। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि मानवता की हत्या का है। इसके अलावा, इंदौर के कई क्षेत्रों में जल समस्या गंभीर हो रही है, जहां लोग दूषित पानी पीने पर मजबूर हैं। सिंघार ने पीड़ितों के परिवारों को दो करोड़ रुपए की सहायता देने की भी मांग की।



भारत का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर



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