वंदे मातरम् विवाद में दिग्विजय सिंह बोले - यह बीजेपी का कुटिल षड्यंत्र, केके मिश्रा बोले- एक विवादित अधिकारी की भूमिका

Sanjay Gupta | Apr 15, 2026, 21:06 IST
Photograph: (the sootr)
Indore.वंदे मातरम् विवाद को इसमें अब पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की एंट्री हो गई है। सिंह ने इस मामले में दोनों महिला पार्षदों का बचाव किया है। उधर कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने इंदौर में पदस्थ रहे एक अधिकारी की भूमिका बताई है।

इंदौर के वंदे मातरम् विवाद में पुलिस ने दोनों कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान पर केस दर्ज कर लिया है। लेकिन अब इस मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की एंट्री हुई है। सिंह ने इस मामले में दोनों ही महिला पार्षदों का बचाव किया है और इसे बीजेपी का कुटिल षड्यंत्र करार दिया है। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने इसे इंदौर में रहे एक अधिकारी का षड्यंत्र बताया है।



यह बोले दिग्विजय सिंह

सिंह ने भोपाल में हुए एक आयोजन में इस पर टिप्पणी की। यह पहली बार है, जब कांग्रेस से राष्ट्रीय स्तर के नेता और पूर्व सीएम का बयान इस विवाद पर आया है। सिंह ने कहा कि यह कुटिल प्रयास और षड़यंत्र था। इंदौर में यदि दो महिला पार्षद विलंब से आई तो उन्हें अलग से वंदे मातरम् गाने के लिए क्यों कहा गया। वह हमेशा इसमें भाग लेती थी और कभी मना नहीं किया। यह केवल झूठ के आधार पर लोगोें को गुमराह करते हैं।



वंदे मातरम् गीत को लेकर संविधान सभा में तय हुआ था कि वह राष्ट्रगीत होगा। इसे लेकर बेमतलब गुमराह किया जा रहा है। वंदे मातरम् के नाम से हिंदू-मुस्लिम को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। यह बीजेपी का कुटिल प्रयास है और इसकी घोर निंदा करते हैं।



कांग्रेस प्रवक्ता बोले- इंदौर रहे एक अधिकारी की भूमिका

उधर, कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने इस मामले को साजिश बताते हुए इसे शेख अलीम और महापौर के बीच की डील करार दिया था। अब कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि मेरे पास इस बात के सबूत है कि इस विवाद को हवा देने में इंदौर में पदस्थ रहे एक विवादित अधिकारी की भूमिका रही है। ताकि कांग्रेस के आरोपों को लेकर, भागीरथपुरा में 35 मौतों, 150 करोड़ के घोटाले इन सभी पर चर्चा नहीं हो सके। इस षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए वह अधिकारी इंदौर भी आए थे। मिश्रा ने दोनों पार्षदों पर केस दर्ज होने पर कहा कि जब वह दोनों माफी मांग चुकी है तो फिर एफआईआर दर्ज करना केवल प्रशासनिक आतंकवाद है।



क्या है विवाद अभी तक क्या हुआ

यह विवाद नगर निगम के बजट सत्र के दौरान 8 अप्रैल को हुआ। फौजिया शेख देरी से सदन में पहुंची, तब बीजेपी पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने कहा कि वंदे मातरम् नहीं गाना था इसलिए देरी से आईं। इस पर फौजिया ने कहा कि मैं नहीं गाउंगी। बाद में रुबीना खान ने कहा कि किसी के बाप में हिम्मत नहीं कि जबरदस्ती वंदे मातरम् बुलवा सके। कांग्रेस पार्टी जाए भाड़ में। इस विवाद के बाद बीजेपी ने पुलिस मे वंदे मातरम् अपमान की शिकायत की।



चिंटू ने इस मामले में हाथ खड़े किए और कहा कि वंदे मातरम् हमारी रगों में हैं। रुबीना को निष्कासित करने का पत्र लिखा है। उधर, राजू भदौरिया ने इस विवाद को शेख अलीम और महापौर की डील बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी को सब पता है और समय आने पर फैसला लिया जाएगा। इस बीच पुलिस ने बुधवार को इसमें केस दर्ज कर लिया।



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