IDA ने अहिल्यापथ के लिए बुलाई बोर्ड की बैठक, इधर लगे दलालों के साथ सेटिंग करके 1000 करोड़ के घोटाले के आरोप

Sanjay Gupta | Aug 16, 2024, 11:17 IST
IDA ने अहिल्यापथ के लिए बुलाई बोर्ड बैठक
कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार सीईओ अहिरवार ने पूर्व मुख्यमंत्री को चुनाव में 20 करोड़ की आर्थिक मदद खुलेआम की है। पूर्व मुख्यमंत्री का खुला संरक्षण सीईओ राम प्रसाद अहिरवार को प्राप्त रहा।

इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) में अहिल्यापथ स्कीम के लिए अगली कार्रवाई के लिए शुक्रवार को बोर्ड बैठक हो रही है। उधर इस स्कीम को लेकर आईडीए, टीएंडसीपी के अधिकारियों पर दलालों के साथ सैटिंग करते हुए पहले से ही नक्शे जमीन के जादूगरों को बताने और इसके जरिए पहले ही यहां के नक्शे पास कराकर एक हजार करोड़ के घोटाले के आरोप लगे हैं।



इन अधिकारियों पर लगे आरोप

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश यादव ने प्रेस वार्ता करते हुए इस मामले में आईडीए सीईओ राम प्रसाद अहिरवार, मयंक जगवानी, योगेन्द्र पाटीदार, प्लानर रचना बोचरे के साथ ही एंव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के डिप्टी डायरेक्टर के.एस.गवली पर आरोप लगाए हैं। था। इस घोटाले में दलाल सचिन भाई, अतुल कांकरिया भी शामिल है। इन्हीं के जरिए स्कीम एरिया में डील की गई।



पूर्व चेयरमैन चावड़ा के साथ इस तरह शुरुआत के आरोप

यह भी कहा कि अहिल्या पथ के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के खेल का प्रारंभ आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा और सीईओ राम प्रसाद अहिरवार ने संयुक्त रूप से षड्यंत्र बनाकर नवम्बर 2023 में शुरू किया था। करोड़ों के घोटाले में षड्यंत्र की शुरुआत आईडीए में प्रायवेट कांट्रेक्ट के तौर पर नियुक्त कंसलटेंट मंयक जगवानी के माध्यम से की गयी थी। साल 2024 जनवरी में चावड़ा को मुख्यमंत्री ने पद से बेदख़ल कर दिया।



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अहिरवार ने पहले ही दलालों को दे दिए सर्वे नंबर

यादव ने आरोप लगाया कि 12 अप्रैल को पहली बार आईडीए सीईओ अहिरवार ने अहिल्या पथ की स्कीम की समीक्षा करके खसरों पर सीमांकन कराकर ज़मीन के दलालों को अहिल्या पथ पर लागू होने वाली स्कीम का प्रिंट आउट दे दिया। इसके बाद अप्रैल से स्कीम लाने तक 20 जून 2024 के आननफानन में जमीन के सौदे हुए, डायवर्सन कराया और 155 एकड़ के नक्क्षे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत कराए गए । जबकि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों को मालूम था की उक्त भूमि पर आईडीए की स्कीम लागू होने वाली है। पिछली बोर्ड मीटिंग में यह स्कीम लॉंच होना थी लेकिन कुछ बड़े ज़मीन के सौदे भोपाल के एक अधिकारी को करना थे।



पूर्व सीएम के चुनाव में मदद का आरोप

कांग्रेस महासचिव राकेश सिंह यादव के अनुसार सीईओ अहिरवार ने पूर्व मुख्यमंत्री को चुनाव में 20 करोड़ की आर्थिक मदद खुलेआम की हैं। पूर्व मुख्यमंत्री का खुला संरक्षण सीईओ राम प्रसाद अहिरवार को प्राप्त रहा। पूरे खेल में प्रति एकड़ 65 लाख से 75 लाख भू माफियाओ से अधिकारियों को बांटे गए हैं।



आईडीए के खेल से 1000 करोड़ का नुकसान

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाए कि इस पूरे खेल से आईडीए को लगभग 4 लाख 50 हज़ार वर्ग फ़िट क्षेत्रफल प्लॉट एरिया का सीधा नुक़सान हुआ हैं। जिसका वर्तमान लागत लगभग 500 से 1000 करोड़ है। इसका सीधा मतलब यह है की ज़मीन का नक्क्षा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत कराने वाले 500 से 1000 करोड़ आने वाले 5 सालों में कमाएंगे और डेवपमेंट मुफ्त में आईडीए करेगा।



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इनकी जांच हो, एजेंसियों को की लिखित शिकायत

इस मामले में आरोप लगाने के साथ ही सभी जांच एजेंसियों को भी यादव ने पत्र लिखकर आईडीए सीईओ राम प्रसाद अहिरवार, पूर्व अध्यक्ष जय पाल सिंह चावड़ा, मंयक जुगवानी,योगेन्द्र पाटीदार, सीसीपी रचना बोचारे एंव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिप्टी डायरेक्टर के.एस.गवली, असिस्टेंट डायरेक्टर सारंग गुप्ता, ज़मीनों के दलाल अतुल काकरिया, सचिन भाईजी सीए सहित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से ताबड़तोड़ स्वीकृत कराने वाले समस्त 23 भू माफियाओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अपराध की जांच के लिए ईडी सहित आर्थिक अपराध ब्यूरो,लोकायुक्त,मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री को शिकायत की गई है।



इन बिंदुओं पर जांच की मांग

  • अहिल्या पथ का नक्शा बाजार में आईडीए के मेल आईडी से दलालों को पहुंचाया गया। सीईओ अहिरवार ने अपने मोबाइल नम्बर से अतुल काकरिया एंव सचिन भाई को मेप पहुँचाया। सभी के डिजीटल डाटा की जांच हो। स्कीम लगाने के पूर्व ही स्कीम से बाहर करके आईडीए के खर्च पर डेवलपमेंट का बड़ा खेल खुलेआम खेला गया हैं।
  • टीएंडसीपी ने सभी के नक्शे धड़ाधड़ पास किए
  • आईडीए सीईओ राम प्रसाद अहिरवार एंव सचिन भाईजी सीए,अतुल काकरिया तथा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के.एस.गवली के मध्य 20 अप्रैल 2024 से 20 जुलाई 2024 के मध्य 235 बार फ़ोन पर आपस में बात हुई।
  • डिजिटल नक़्शों का आदान प्रदान चारों के मध्य डिजिटल सिग्नल एप के माध्यम से किया गया।

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