नर्मदा नदी में कैसे पहुंचे इंदौर के वोटर कार्ड इसका खुलासा नहीं, मतदाता सत्यापन पूरा, रिपोर्ट भेजी

Sanjay Gupta | Oct 31, 2026, 20:49 IST
नर्मदा नदी में मिले इंदौर के 346 वोटर कार्ड, जांच में 18 डुप्लीकेट मिले
346 voter cards from Indore found in Narmada river, 18 duplicates in probe
INDORE. खरगोन जिले के मंडलेश्वर में रविवार, 25 अक्टूबर को नर्मदा नदी में 346 वोटर कार्ड मिले थे। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इंदौर कलेक्टर से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। कलेक्टर ने 26 अक्टूबर को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी थी।

अब पांच दिन की जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट भी आयोग को भेज दी गई है।



जांच में 18 डुप्लीकेट कार्ड मिले, 123 मतदाता सूची में मौजूद

जांच रिपोर्ट के अनुसार, नर्मदा नदी से कुल 346 वोटर कार्ड मिले थे। इनमें 18 डुप्लीकेट वोटर कार्ड पाए गए। वहीं, 123 मतदाता अब भी मतदाता सूची में दर्ज हैं। इनका भौतिक सत्यापन किया गया है। सत्यापन में दो मतदाताओं के अन्य स्थानों पर शिफ्ट होने की जानकारी मिली। वहीं, एक मतदाता की मृत्यु हो चुकी है। भौतिक सत्यापन में मिले मतदाताओं के पास वोटर कार्ड भी पाए गए। उनके नाम भी मतदाता सूची में दर्ज हैं। करीब 200 मतदाता अपने दर्ज पते पर नहीं मिले। ये मतदाता कहां शिफ्ट हुए हैं, इसकी जानकारी भी प्रशासन को नहीं मिल सकी।



बीएलओ और सुपरवाइजर से भी हुई पूछताछ

जांच के दौरान प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के बीएलओ और सुपरवाइजर से पूछताछ की। संबंधित बीएलओ सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, सुपरवाइजर बेंगलुरु शिफ्ट हो गए हैं। प्रशासन ने उनसे टेलीफोन पर बातचीत की। बीएलओ ने बताया कि वितरण के बाद बचे वोटर कार्ड सुपरवाइजर को सौंप दिए जाते हैं। वहीं, सुपरवाइजर ने बताया कि प्राप्त कार्ड विधानसभा कार्यालय में जमा करा दिए जाते हैं।



विधानसभा कार्यालय में कार्ड जमा करने की पावती नहीं मिली

प्रशासन ने सुपरवाइजर से कार्ड जमा करने की पावती भी मांगी है। उनसे पूछा गया कि विधानसभा कार्यालय में कार्ड जमा किए थे तो उसकी रसीद उपलब्ध कराएं। हालांकि, मामला पुराना होने के कारण सुपरवाइजर अभी तक पावती उपलब्ध नहीं करा सके हैं। बीएलओ और सुपरवाइजर से पूछताछ में भी कार्ड नदी तक पहुंचने की जानकारी नहीं मिली। जांच में वेंडर की भूमिका को लेकर भी एक आशंका सामने आई है। संभावना जताई गई कि आवेदन मिलने पर वेंडर ने अतिरिक्त वोटर कार्ड बनाए होंगे। ये अतिरिक्त कार्ड बाद में बिना वितरण के पड़े रह गए होंगे। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि वोटर कार्ड मंडलेश्वर में नर्मदा नदी तक कैसे पहुंचे।



कार्ड बनने के बाद हो चुके चार बड़े चुनाव

नर्मदा नदी में मिले वोटर कार्ड मुख्य रूप से वर्ष 2016 के बताए गए हैं। कुछ कार्ड इसके बाद के वर्षों के भी हैं। इन कार्डों के बनने के बाद मध्यप्रदेश में दो विधानसभा और दो लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। वर्ष 2018 और 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे। वहीं, 2019 और 2024 में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए।



विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार के अधिकांश वोटर कार्ड

नर्मदा नदी में मिले अधिकांश वोटर कार्ड इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार के हैं। कार्ड एकत्र कर शिकायत करने वाले मंडलेश्वर नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संतोष चौहान ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्डों पर आस्था पैलेस, आकाश नगर और संत नगर के पते दर्ज हैं। चौहान के मुताबिक, इंदौर से एक टीम नर्मदा नदी की सफाई करने पहुंची थी। इसी दौरान टीम को नदी में वोटर कार्ड पड़े मिले। उन्होंने बताया कि अन्य कार्डों की तलाश भी कराई जा रही है।



पॉलिथीन में बंधे मिले कार्ड, थाने में केस दर्ज कराने की बात

संतोष चौहान ने बताया कि कई वोटर कार्ड पॉलिथीन की थैलियों में बंधे हुए मिले। कुछ कार्ड रबर बैंड से बांधकर नदी में फेंके गए थे। चौहान के मुताबिक, नदी में अन्य वोटर कार्डों की भी तलाश कराई जा रही है। उन्होंने इस मामले में मंडलेश्वर थाने में केस दर्ज कराने की बात कही है। फिलहाल प्रशासन की जांच पूरी हो चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजी गई है। लेकिन वोटर कार्ड नर्मदा नदी में किसने फेंके और वहां कैसे पहुंचे, इसका खुलासा नहीं हुआ है।

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