इंदौर में वार्ड 60 पर नहीं होगा उपचुनाव, कांग्रेस पार्षद अंसारी को स्टे
Indore. इंदौर नगर निगम के वार्ड 60 से चुनी हुई पार्षद कांग्रेस की सुनहरा अंसारी को स्टे मिल गया है। अब इस वार्ड पर उपचुनाव नहीं होंगे। इस पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद गुरुवार को स्टे जारी कर दिया है।
यह आदेश दिए सिंगल बेंच ने
सिंगल बेंच ने कहा कि जिला कोर्ट में चुनाव याचिका पर जिस आधार पर चुनाव शून्य किया गया है। उस पर विचार किए जाने की जरूरत है। इस पर अंतिम सुनवाई बाकी है, लेकिन यदि अंतरिम राहत नहीं दी जाती है तो फिर सुनवाई का मतलब नहीं रह जाता है। ऐसे में इंटरविनर याचिका को मंजूर कतरे हुए 17 जुलाई के जिला कोर्ट के आदेश को स्टे किया जाता है।
हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
जस्टिस संदीप भट्ट ने आदेश में कहा कि 17 जुलाई को पारित फैसले और आदेश के संचालन, निष्पादन, कार्यान्वयन और उससे जुड़े सभी परिणामों पर रोक लगाई जाती है। साथ ही यह निर्देश दिया जाता है कि मौजूदा सिविल रिवीजन के अंतिम निपटारे तक, विवादित फैसले के आधार पर कोई भी जबरदस्ती या परिणामी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसमें खाली पद की सूचना जारी करना, कोई उपचुनाव शुरू या आयोजित करना, किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पदभार संभालना या कोई अन्य कार्यवाही शामिल है।
क्या था मामला
पार्षद सुनहरा अंसारी के खिलाफ चुनाव याचिका लगी। इस पर 17 जुलाई को फैसला हुआ। इसमें आदेश हुआ कि नामांकन फार्म में अंसारी द्वारा संपत्ति की जानकारी छिपाई थी और उन पर साथ ही प्रापर्टी टैक्स भी बकाया था। ऐसे में नामाकंन में जानकारी छिपाने पर चुनाव शून्य घोषित किया जाता है।
हाईकोर्ट में यह तर्क दिए गए
इस पर इंदौर हाईकोर्ट में यह तर्क दिए गए कि खुद निगम के अधिकारियों ने ही उन्हें संपत्ति व अन्य कर को लेकर नो ड्यूज का सर्टिफिकेट दिया था। जो संपत्ति है वह उनकी ससुर की थी। ऐसे में बिना तथ्यों को जांचे चुनाव शून्य घोषित किया गया है।
वहीं हाईकोर्ट में शासन पक्ष की ओर से कहा गया कि निगम की ओर से अयोग्य कर्मचारी द्वारा यह सर्टिफिकेट जारी किया था, उन पर संपत्ति कर बकाया है। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि इन सभी पर अंतिम सुनवाई में बहस होगी। अभी राहत दी जाती है।
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