ED ने आलोक सारडा केस में 13 करोड़ की संपत्ति अटैच की, चना गायब कर बोरे में मिट्टी भर लिया था लोन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इंदौर ने ईओडब्ल्यू द्वारा साल 2020 में दर्ज किए गए केस के मामले में संपत्ति अटैच की है। यह धोखाधड़ी 13 करोड़ की है। इसमें ईडी ने ईओडब्ल्यू में दर्ज केस के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में केस दर्ज किया था। इसके बाद 10 सितंबर को संपत्तियां अटैच की गईं। ईडी ने बताया कि मामला IDBI बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित है।
ईडी ने यह बताया, फर्जी रसीदों से लोन
जांच में ED ने बताया कि इंदौर जिले के मानपुर स्थित सारडा वेयरहाउस के प्रोपराइटर आलोक सारडा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर वित्त योजना का दुरुपयोग किया। वेयरहाउस में किसानों की सोयाबीन और चना उपज रखे होने का दावा करते हुए फर्जी रसीदें जारी की गईं। साथ ही उपज के नाम पर 42 किसानों के नाम पर लोन मंजूर कराया गया। वहीं गिरवी रखी गई कृषि उपज को बिना अनुमति वेयरहाउस से निकालकर बेच दिया गया।
इस तरह लिया करोड़ों का लोन
ईडी के अनुसार IDBI बैंक को इस मामले में करीब 14.04 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं किसान धन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज ने इसी वेयरहाउस में रखी बताई गई कृषि उपज के आधार पर 12.04 करोड़ रुपए का वेयरहाउस रसीद वित्त स्वीकृत किया था। आरोपियों ने बैंक और वित्तीय कंपनी को करीब 26 करोड़ रुपए का गैर-कानूनी नुकसान पहुंचाया। ईडी ने 13 करोड़ रुपए मूल्य की 18 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में यह बताया
वहीं इसी मामले में एक आरोपी दिनेश भाभर को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है। इसकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें ईओडब्ल्यू ने पूरी कहानी बताई। इसमें बताया गया कि किसान धन एग्री फायनेंस सर्विसेस लिमिटेड लोन देने वाली वित्तीय कंपनी है। इसका सोहनलाल कमोडिटी मैनेजमेंट प्रा. लि. के साथ वेयरहाउस प्रबंधन को लेकर करार है। सोहनलाल ने चना, सोयाबीन उपज रखने के लिए मानपुर के मेसर्स आलोक सारडा वेयरहाउस के साथ करार किया। यहां बताया गया कि दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच में चना, सोयाबीन की 31 हजार 745 क्विंटल उपज रखी है। इस पर 12.47 करोड़ का लोन मंजूर हुआ। वहीं दिसंबर 2019 में ऑडिट में सामने आया कि 10 हजार 296 बैग में भूसी, चूनी, मिट्टी, पत्थर भरे हैं। बैग में 8790 क्विंटल चना है ही नहीं। इसमें आलोक सारडा, सोहनलाल कंपनी के विष्णुदत्त पाराशर, गार्ड सुनील चौहान और गार्ड दिनेश भाभर की मिलीभगत पाई गई।
कुल 26 करोड़ का फर्जीवाड़ा
ईडी के मुताबिक आलोक सारडा और अन्य आरोपियों ने कथित मिलीभगत से आईडीबीआई बैंक और Kisan Dhan एग्री फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को कुल करीब 26 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। अभी जांच जारी है। उधर सारडा और पाराशर को हाईकोर्ट इंदौर से जमानत मिली है। वहीं भाभर को जिला कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर जमानत की मंजूरी दे दी है।
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