इंदौर में गेंहू खरीदी में घोटाला, बिना स्लॉट बुकिंग नेताजी का 84 लाख का गेंहू तुल गया
News in Short
- इंदौर में गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया।
- बिना स्लॉट बुकिंग 3200 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
- गेहूं की कीमत करीब 84 लाख रुपए बताई गई।
- प्रबंधक को निलंबित किया गया।
- किसानों ने नेताओं के दबाव में खरीदी का आरोप लगाया।
Intro
मप्र में चल रही गेहूं खरीदी में देरी से हजारों किसान परेशान हैं। इसी दौरान इंदौर में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इंदौर के देपालपुर के औरंगपुरा में नेताओं और उनके परिजनों का 3200 क्विंटल गेहूं (एमएसपी से कीमत 84 लाख) बिना स्लॉट बुकिंग के ही तुल गया।
News in Detail
गेहूं खरीदी में पहले ही मप्र शासन पर देरी को लेकर आरोप लग रहे हैं। अब इसमें भी घोटाला सामने आ रहा है। इंदौर में चौंकाने वाला कांड हुआ है। यहां पर देपालपुर के औरंगपुरा में नेताओं का 3200 क्विंटल गेहूं, जिसकी न्यूनतम समर्थन मूल्य (2625 रुपए प्रति क्विंटल) से कीमत 84 लाख होती है, वह बिना स्लॉट बुकिंग के ही तोल दिया गया।
नेता के वेयरहाउस, नेता के ही परिजन
सूत्रों के अनुसार यह गेहूं स्थानीय परिषद में जुड़े बीजेपी नेता के रिश्तेदारों का ही है। इन नेताजी की पत्नी परिषद में बड़े पद पर हैं। इनके दबाव में प्राथमिक समिति प्रबंधक मंगलसिंह राजपूत ने यह गेहूं बिना स्लॉट बुकिंग के ही तुलवा दिया। इन नेताजी का ही यहां पर वेयरहाउस भी है। संयुक्त मोर्चा किसान का आरोप है कि यह पवार वेयरहाउस का गेहूं था, जो स्थानीय नेता का है।
गुपचुप की कार्रवाई, मचा हड़कंप
इस मामले में खुलासा तब हुआ जब राजपूत ने अधिक खरीदी के लिए बारदाना की मंजूरी मांगी। इस पर अधिकारी चौंके कि इतना गेहूं कैसे खरीद लिया गया। इसकी जांच की गई तो पता चला कि कई किसानों का बिना स्लॉट बुकिंग के ही गेहूं खरीदा जा रहा है। इसके बाद गुपचुप तरीके से बहुउद्देश्यी प्राथमिक कृषि सहकारी संस्था औरंगपुरा प्रशासक सुरेश भंडारी ने अधिकारियों को बताया और फिर मंजूरी लेकर राजपूत को निलंबित कर दिया।
किसान संघ ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में संयुक्त किसान मोर्चा के बबलू जाधव, रामस्वरूप मंत्री, चंदनसिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, प्रवीण ठाकुर, सुभाष राठौर ने उच्च स्तर पर शिकायत की है। इनका आरोप है कि किसान परेशान हो रहे हैं और इधर नेताजी के प्रभाव में प्रभावशाली लोगों का गेहूं तुलवाया जा रहा है। इसमें भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। स्लॉट बुकिंग नहीं होने से छोटे किसानों को मंडियों में औने-पौने दामों पर और खुले बाजार में यह गेहूं बेचना पड़ रहा है।
सैटेलाइट की समस्या, गेंहू ही नहीं बता रहा
एक और समस्या किसानों की सैटेलाइट रिपोर्ट की आ रही है। किसान की जमीन पर क्या उगा है, यह पटवारी की गिरदावरी रिपोर्ट में आता है। इस बार स्लॉट बुकिंग में सेटेलाइट की रिपोर्ट को पहली बार जोड़ा गया है, जो सरकार का सर्वर ही करता है। किसान जब स्लॉट बुकिंग कर रहे हैं, तो कई किसानों को संदेश आ रहा है कि गिरदावरी रिपोर्ट का फिर सत्यापन कराएं, सेटेलाइट मुताबिक गेहूं नहीं उगाया गया है। ऐसे में किसान परेशान हो रहे हैं और गेहूं खरीदी नहीं हो रही है।
गेहूं खरीदी के लिए यह है नियम
गेहूं खरीदी के लिए इस बार शासन ने नियम बनाया है कि पहले छोटे किसान (दो हेक्टेयर जमीन तक) की स्लॉट बुकिंग होगी। रजिस्टर्ड किसान जब ऑनलाइन स्लॉट बुक करेगा, तब उसे सात दिन की लिमिट देते हुए तारीख दी जाएगी और इस दौरान वह मंडी में गेहूं तुलवा सकता है। इसके बाद ही बड़े किसानों को स्लॉट बुकिंग दी जाएगी। बिना स्लॉट बुकिंग के गेहूं खरीदी नहीं की जा सकती है।
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