इंदौर में बना देश का पहला 14-D थिएटर, दर्शक बारिश, हवा, कोहरा को भी कर सकेंगे महसूस

Aman Vaishnav | Aug 16, 2026, 08:45 IST
देश का पहला 14-D थिएटर
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में भारत का पहला 14-D वर्चुअल जू थिएटर बना है। इसमें दर्शक शो के दौरान बारिश की बूंदें, चेहरे पर हवा, कोहरा, बुलबुले और सीटों के हिलने जैसे 14 तरह के इफेक्ट्स महसूस कर सकेंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में नया आकर्षण शुरू हो रहा है।
  • यहां 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर बनकर तैयार है।
  • इस प्रोजेक्ट पर करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
  • यह भारत का पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर है।

बता दें कि इंदौर के प्राणी प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव तैयार हो गया है। शहर के इंदौर कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब सिर्फ वन्यजीव देखना ही नहीं, जंगल में होने जैसा एहसास भी मिलेगा। जू परिसर में 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर बनकर तैयार है।



मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद 16 अगस्त से आम दर्शकों के लिए यह सुविधा खुल जाएगी। जू प्रबंधन का दावा है कि यह भारत का पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर है।



प्रोजेक्ट में क्या है खास

इस प्रोजेक्ट में कुल 14 तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। बारिश के दृश्य में पानी की बूंदें महसूस होंगी। चेहरे पर हवा के झोंके और कोहरा भी आएगा। बुलबुले, कंपन और सीटों की मूवमेंट जैसे इफेक्ट्स भी दृश्यों के साथ बदलेंगे।



थिएटर की स्क्रीन वाटरप्रूफ है। इसे खासतौर पर साउथ कोरिया से मंगाया गया है। इससे दर्शकों को असली जंगल में होने जैसा अहसास होगा।



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गोरिल्ला के मुंह से होगी एंट्री

थिएटर में प्रवेश परिसर में बने बड़े गोरिल्ला के मुंह से होगा। टिकट लेने के बाद दर्शक आगे बढ़ेंगे। रोशनी कम होते ही नियोन लाइटिंग के साथ 3D जंगल का अनुभव शुरू होगा।



दीवारों पर बड़े पेड़, टाइगर और शेर जैसे दृश्य दिखेंगे। कुछ देर के लिए ऐसा माहौल बनेगा, जैसे दर्शक असली जंगल में पहुंच गए हों।



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सीटें भी करेंगी जंगल जैसा एहसास

इसके बाद दर्शक 14-D थिएटर में पहुंचेंगे। यहां 3D चश्मे के साथ मूविंग सीटों पर बैठना होगा। शो करीब 20 मिनट का है और दो हिस्सों में बंटा है।



पहले 10 मिनट में एडवेंचर फॉरेस्ट का अनुभव मिलेगा। स्क्रीन के दृश्यों के अनुसार सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव करेंगी। चेहरे पर हवा, पानी के छींटे और कोहरे जैसे इफेक्ट्स भी महसूस होंगे।



अगले 10 मिनट में प्री-हिस्टोरिक एडवेंचर दिखाया जाएगा। इसमें पुराने जंगल और उस दौर के जीवों की दुनिया दिखेगी। पहाड़ से गाड़ी उतरने पर सीट नीचे जाएगी, चढ़ाई पर ऊपर उठेगी।



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दर्शकों की सुरक्षा का रखा गया ध्यान

जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने सुरक्षा को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीटों में सीट बेल्ट और ग्रिपिंग सिस्टम लगाया गया है। मूवमेंट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दर्शकों की सुरक्षा बनी रहे।



ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया का रोमांच

थिएटर के बाद दर्शक ग्लो गार्डन में जाएंगे। रास्ते में शेर और बोलता हुआ पेड़ स्वागत करेगा। हाथ लगाने पर गेट खुलेगा। अंदर फाइबर ऑप्टिक लाइट्स से रोशनी बिखरेगी। तितलियों और पौधों की आकृतियां कदमों के साथ जगमगाएंगी।



इसके बाद भूल-भुलैया आएगी। यहां कई रास्ते होंगे। बीच-बीच में शेर और भालू की दहाड़ सुनाई देगी। दर्शकों को सही रास्ता खुद तलाशना होगा।



आगे मिरर ब्रिज है, जहां होलोग्राम से हनुमान जी के दर्शन होंगे। इसके बाद 3D वाइल्ड लाइफ इमर्सिव सफारी और 3D डोम शो होगा। डोम शो करीब 10 मिनट का होगा। पूरा सफर खत्म होने पर दर्शक कैंटीन में इंदौरी व्यंजन भी चख सकेंगे।



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टिकट और शो के समय की जानकारी

बता दें कि थिएटर मंगलवार से रविवार तक खुलेगा। समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। रोज 20-20 मिनट के 16 शो होंगे। टिकट की कीमत फिलहाल 70 रुपए रखी गई है।



जू प्रबंधन के अनुसार भविष्य में टिकट दर बदल सकती है। इस पर फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर लिया जाएगा।



प्रोजेक्ट में क्यों हुई देरी

प्रोजेक्ट को डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। कुछ बाधाओं के कारण इसमें करीब दो महीने अतिरिक्त लगे। जू प्रबंधन का कहना है कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया।



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