IPS अनुराग सुजानिया अब दोस्त की IT कंपनी में बनेंगे पार्टनर! एक साल पहले बना लिया था प्लान, इस्तीफे की वजह आई सामने
सागर SP के पद से हटाए जाने के कुछ दिन बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई थी। इसके बाद से ही सवाल उठ रहे थे कि आखिर उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का फैसला क्यों किया?
सागर से हटने के सात दिन बाद दिया इस्तीफा
बता दें कि अनुराग सुजानिया हाल ही में सागर जिले के SP पद से हटाए गए थे। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद 27 अक्टूबर को उनका तबादला पुलिस मुख्यालय कर दिया गया था। इसके सात दिन बाद, 02 नवंबर को उन्होंने डीजीपी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इसके बाद 03 नवंबर को इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सुजानिया ने अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए।
बुधवार को पुलिस मुख्यालय ने उनका इस्तीफा (आईपीएस अनुराग सुजानिया का इस्तीफा) गृह विभाग को भेज दिया है। अब फाइल सरकार के पास जाएगी जहां इस पर अंतिम फैसला होगा। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद बने थे IPS
राजस्थान के रहने वाले अनुराग सुजानिया ने इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक किया है। इसके बाद उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और 2014 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला। वह मंदसौर समेत प्रदेश के कई जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
सागर के पूर्व SP अभिषेक तिवारी भी छोड़ चुके हैं नौकरी
दिलचस्प बात यह है कि अनुराग सुजानिया से पहले सागर के SP रहे अभिषेक तिवारी भी पुलिस सेवा छोड़कर आईटी सेक्टर का रुख कर चुके हैं।
2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी अगस्त 2024 में सागर के शाहपुर में दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत के समय जिले के SP थे। इस घटना के बाद उनका तबादला कर दिया गया था। बाद में वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गए और राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO) में तैनात हुए। जनवरी 2026 में उन्होंने 42 साल की उम्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली और आईटी कंपनी जॉइन की।
दोनों अफसरों के करियर में हैं कई समानताएं
आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया और अभिषेक तिवारी का Engineering Background रहा है। दोनों इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद IPS बने और सागर जिले के SP भी रहे। बड़ी घटनाओं के बाद दोनों का तबादला हुआ और फिर दोनों ने पुलिस सेवा छोड़ने का फैसला किया।
अभिषेक तिवारी ने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक करने के बाद IIM इंदौर से भी पढ़ाई की थी। बालाघाट में SP रहते हुए उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। इन अभियानों के लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने की जानकारी है।
हालांकि दोनों अधिकारियों के नौकरी छोड़ने की परिस्थितियां अलग हैं। अभिषेक तिवारी VRS लेकर पुलिस सेवा से अलग हो चुके हैं, जबकि अनुराग सुजानिया (IPS Anurag Sujania) के इस्तीफे पर अभी सरकार का अंतिम फैसला आना बाकी है।