IPS अनुराग सुजानिया का इस्तीफा होगा वापस? PHQ की बैठक सीएम हाउस शिफ्ट, अफसर को मनाने की चर्चा तेज
PHQ की जगह सीएम हाउस में बुलाई गई बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंगलवार, 3 नवंबर को शाम छह बजे पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित थी। पहले यह बैठक भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में होनी थी। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री के PHQ जाने का कार्यक्रम बदल दिया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को बैठक के लिए मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया।
जानकारी के मुताबिक, बैठक रद्द नहीं की गई थी, बल्कि केवल उसका स्थान बदला गया था। इसमें प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई गई। हालांकि, बैठक के एजेंडे और इसमें लिए गए फैसलों की पूरी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या अनुराग सुजानिया को मनाने की हो रही कोशिश?
अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार उन्हें मनाने की कोशिश कर रही है। पुलिस और प्रशासनिक हलकों में उनके इस्तीफे को वापस कराने की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से सुजानिया से बातचीत किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार या पुलिस विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे संपर्क किया है या नहीं। इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है।
सुजानिया का इस्तीफा स्वीकार किए जाने की भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में उनके फैसले को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस्तीफा वापस लेने की चर्चा के बीच अब शासन के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
पारिवारिक कारणों से दिया इस्तीफा, तबादले की अटकलें नकारीं
अनुराग सुजानिया ने 2 नवंबर को अपना इस्तीफा सौंपा था। इस्तीफे के पीछे उन्होंने पारिवारिक कारण बताए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुजानिया करीब डेढ़ साल से नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे थे।
उन्होंने अपने इस्तीफे को हालिया तबादले से जोड़कर देखे जाने की अटकलों को भी गलत बताया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि उन्होंने तबादले से नाराज होकर इस्तीफा दिया था।
27 अक्टूबर को तबादला, 2 नवंबर को इस्तीफा
अनुराग सुजानिया का 27 अक्टूबर 2026 को तबादला किया गया था। उन्हें सागर पुलिस अधीक्षक (SP) के पद से हटाकर भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय भेजा गया था। नए पदस्थापना आदेश में उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस आदेश के कुछ दिन बाद ही 2 नवंबर को उनका इस्तीफा सामने आया। दोनों घटनाओं के बीच कम समय होने के कारण तबादले और इस्तीफे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, इन दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है। सुजानिया ने भी इस्तीफे के पीछे तबादले को कारण मानने से इनकार किया है।
क्या इस्तीफे से जुड़ी है सीएम हाउस की बैठक?
मुख्यमंत्री की पुलिस समीक्षा बैठक का स्थान बदलने के बाद सुजानिया के इस्तीफे को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। प्रशासनिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या इस दौरान उनके इस्तीफे पर भी बातचीत हो सकती है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह बैठक पुलिस विभाग की समीक्षा के लिए प्रस्तावित थी। इसके स्थान परिवर्तन को सुजानिया के इस्तीफे से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक आधार सामने नहीं आया है।
ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि मुख्यमंत्री निवास में अधिकारियों को बुलाने का उद्देश्य सुजानिया को मनाना था। फिलहाल दोनों घटनाओं को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं।
इस्तीफा मंजूर होगा या फैसला बदलेंगे सुजानिया?
अनुराग सुजानिया के इस्तीफे पर अब राज्य सरकार के अगले फैसले का इंतजार है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा या वे अपना फैसला बदलेंगे।
अगर सुजानिया इस्तीफा वापस लेने का निर्णय करते हैं, तो इस संबंध में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। वहीं, इस्तीफा स्वीकार किए जाने की स्थिति में भी शासन का आधिकारिक आदेश सामने आना जरूरी होगा।
फिलहाल इस्तीफा वापस लेने या अधिकारियों के बीच मान-मनौव्वल होने की बातें चर्चाओं तक सीमित हैं। किसी भी अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।