CJP Protest: इटारसी में महिलाओं की हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त, सोमवार को पेश करने के आदेश

Neel Tiwari | Oct 09, 2026, 20:13 IST
इटारसी रेलवे स्टेशन पर दो महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है।
CJP Protest: दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रही दो महिला कार्यकर्ताओं को इटारसी रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया था। अब यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। दोनों महिलाओं की हिरासत को चुनौती देते हुए याचिकाएं लगाई गई हैं। इन पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दोनों महिलाओं को सोमवार को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
The Madhya Pradesh High Court has directed authorities to produce two women detained at Itarsi railway station on Monday, following habeas corpus petitions challenging their detention.

हिरासत के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा मामला

मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन (Itarsi Railway Station) पर दो महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। श्रावणी बुवा और प्रीति प्रशांत लोधे की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें दोनों महिलाओं को कोर्ट के सामने पेश करने की मांग की गई है।



शुक्रवार, 09 अक्टूबर को जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।



सोमवार को दोनों महिलाओं को पेश करने के निर्देश

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए। साथ ही हिरासत में ली गई दोनों महिलाओं को सोमवार को जबलपुर स्थित हाईकोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।



राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को याचिकाओं की जानकारी दी। उन्होंने कोर्ट के निर्देशों से भी अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया। साथ ही निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।



पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी बनाए गए प्रतिवादी

इन याचिकाओं में नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक और इटारसी के थाना प्रभारी को प्रतिवादी बनाया गया है। इसके अलावा भोपाल के पुलिस अधीक्षक (रेलवे), मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भी प्रतिवादी बनाया गया है।



बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जरिए किसी व्यक्ति की कथित गैरकानूनी हिरासत को अदालत में चुनौती दी जाती है। इसमें संबंधित व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करने की मांग की जाती है। अब दोनों महिलाओं की पेशी इस मामले में अहम होगी।



दिल्ली में प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई

यह मामला 10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन (CJP Protest) से पहले सामने आया है। पुलिस ने दिल्ली जा रहे प्रदर्शनकारियों को भोपाल, इटारसी और ग्वालियर में रोकने की कार्रवाई की है।



एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों को ट्रेनों से उतारकर हिरासत में लिया गया है। पुलिस उन्हें अपने गृह राज्यों में लौटने के लिए समझाने की कोशिश कर रही है।



पुणे से दिल्ली जा रहे कार्यकर्ताओं को इटारसी में उतारा

एआईएसएफ की पुणे जिला संयोजक श्रावणी बुवा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई दावे किए थे। बुवा ने बताया कि गोवा एक्सप्रेस में सवार होने से एक दिन पहले पुलिस ने पुणे विश्वविद्यालय के छात्रों का औंध तक पीछा किया था।



उनके मुताबिक, ट्रेन में उनके साथ 22 कार्यकर्ता यात्रा कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के भुसावल रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उन्हें और निहारिका भोसले को ट्रेन से उतारने की कोशिश की थी।



ट्रेन से उतरने से इनकार के बाद इटारसी में कार्रवाई

श्रावणी बुवा के मुताबिक, उन्होंने भुसावल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें और अन्य कार्यकर्ताओं को इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया।



अब दोनों महिलाओं की हिरासत के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं।



सोमवार को होने वाली सुनवाई में दोनों महिलाओं को कोर्ट के सामने पेश किया जाना है। इसके बाद उनकी हिरासत से जुड़े तथ्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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