बालसुधार घर में भी हफ्ता वसूली, नहीं दिए पैसे तो हाथ पर ब्लेड से लिख दिया नाम
जबलपुर के गोकलपुर बाल सुधार घर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रह रहे कुछ नाबालिगों पर दूसरे बच्चों से हफ्ता वसूली का आरोप लगा है। पैसे न देने पर एक नाबालिग के हाथों पर ब्लेड से कट लगाए गए। जमानत पर बाहर आने के बाद बच्चे ने अपने पिता को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत के बाद हुई जांच में मोबाइल फोन, गांजा और गुटखा जैसी प्रतिबंधित चीजें भी मिलीं।
आमतौर पर वसूली और मारपीट की खबरें जेलों से आती हैं। लेकिन इस बार यह मामला एक बाल सुधार घर से जुड़ा है। यहां वे बच्चे रहते हैं, जो किसी न किसी अपराध में पकड़े जाने के बाद कानून के दायरे में आते हैं। सुधार घर का मकसद इन बच्चों को सही राह पर लाना होता है। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यहां बच्चों की सुरक्षा भी ठीक से हो पा रही है।
दस अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
जबलपुर के बेलखेड़ा इलाके का यह 17 वर्षीय नाबालिग 10 अगस्त को पकड़ा गया था। उस पर लूट और पिस्टल रखने का आरोप था। इसके बाद उसे गोकलपुर स्थित बाल सुधार घर भेज दिया गया। 19 अगस्त को वह जमानत पर बाहर आया। बाहर आते ही उसने अपने पिता को अंदर की हकीकत बताई।
नाबालिग के मुताबिक, सुधार घर में करीब 10 से 12 लड़कों का एक समूह सक्रिय है। नए या कमजोर बच्चों को इस समूह की बात माननी पड़ती है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। बच्चे ने बताया कि उसके दोनों हाथों पर कट लगाए गए। एक लड़के ने कथित तौर पर ब्लेड से उसके हाथ पर अपना नाम तक लिख दिया।
हर हफ्ते मांगे गए एक हजार रुपए
पिता का आरोप है कि 12 अगस्त को उनके मोबाइल पर सुधार घर से कॉल आई थी। बेटे ने फोन पर बताया कि अंदर के लड़कों ने सुरक्षित रहने के लिए पैसे मांगे हैं। मांग थी हर हफ्ते एक हजार रुपए की। पिता ने बताया कि उन्होंने इस बात को उस वक्त गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद कथित तौर पर बेटे के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसके दोनों हाथों पर ब्लेड से कट लगाए गए। पानी से हाथ गीले कर पीठ पर भी मारा गया। पिता के मुताबिक, बेटे के शरीर पर चोट के निशान अब भी मौजूद हैं। शिकायत के बाद उन्होंने अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुधार घर में मिला प्रतिबंधित सामान
शिकायत सामने आने के बाद गोकलपुर बाल सुधार घर में तलाशी ली गई। प्रबंधन के मुताबिक, इस दौरान दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा गुटखा, गांजा और अन्य प्रतिबंधित सामान भी मिला। अब यह जांच की जा रही है कि यह सामान अंदर तक कैसे पहुंचा। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था।
प्रबंधन बोला- शार्पनर की ब्लेड से लगे कट
बाल सुधार गृह के अधीक्षक शैलेश कुमार और सहायक अधीक्षक अरुण कुमार बधोलिया ने मामले पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, शिकायत मिलते ही तुरंत जांच और तलाशी कराई गई। उन्होंने एक बच्चे के हाथों पर कट लगने की बात स्वीकार की। हालांकि उनका दावा है कि यह कट ब्लेड से नहीं, बल्कि शार्पनर से लगाए गए थे।
प्रबंधन के अनुसार, बच्चों को पढ़ाई के लिए पेन, पेंसिल और शार्पनर दिए जाते हैं। दावा है कि इसी शार्पनर की ब्लेड निकालकर इस्तेमाल की गई। मामले की जानकारी संबंधित बाल न्यायालय को भी भेज दी गई है। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया कि परिवार की शिकायत सुनी गई है। कोर्ट के निर्देश के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
करीब 50 बच्चे रह रहे हैं यहां
जानकारी के मुताबिक, गोकलपुर बाल सुधार घर में इस वक्त करीब 50 नाबालिग रह रहे हैं। इनमें से कई की उम्र 16 से 17 साल के बीच है। कुछ बच्चे ऐसे भी हैं, जिनका अलग-अलग मामलों में पहले भी यहां आना-जाना रह चुका है।
बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी
यह मामला सिर्फ एक बच्चे के साथ मारपीट तक सीमित नहीं है। वसूली, मारपीट और प्रतिबंधित सामान मिलने के आरोपों ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुधार घर की जिम्मेदारी होती है कि बच्चों को सुरक्षित और सुधारात्मक माहौल मिले। अगर वहीं बच्चे एक-दूसरे से पैसे मांगने और मारपीट करने लगें, तो निगरानी में चूक साफ नजर आती है। अब देखना यह होगा कि जांच पूरी होने के बाद क्या ठोस कार्रवाई होती है।
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