जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
पदयात्रा दोपहर 3 बजे गोलबाजार से शुरू होगी। पार्टी का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, व्यापारी और आम लोग शामिल होंगे। करीब एक लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान भी लगाया गया है।
लोकतंत्र के नाम पर भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा ने इस पदयात्रा को लोकतंत्र बचाने के अभियान से जोड़ा है। पार्टी का कहना है कि इस आयोजन के जरिए लोगों तक अपना संदेश पहुंचाया जाएगा। हालांकि, राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह कार्यक्रम भाजपा के लिए अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने का भी मौका है। इसमें बड़े नेताओं की मौजूदगी और जनता की भागीदारी पर सभी की नजर रहेगी।
एक मंच पर दिखेंगे बड़े नेता
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक साथ पदयात्रा में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की मौजूदगी भी आयोजन को खास बनाएगी। भाजपा के लिए तीनों नेताओं का एक साथ सड़क पर उतरना संगठन की एकजुटता दिखाने का मौका होगा। इससे प्रदेश की राजनीति में भी इस कार्यक्रम को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
शहर के प्रमुख बाजारों से निकलेगी यात्रा
पदयात्रा सोमवार दोपहर 3 बजे शहीद स्मारक गोलबाजार से शुरू होगी। इसके बाद यात्रा मालवीय चौक, लार्डगंज, बड़ा फुहारा, तुलाराम चौक और करमचंद चौक से होकर निकलेगी। फिर यात्रा वापस अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचेगी। शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरने के कारण इस दौरान लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
एक लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी के मुताबिक, पदयात्रा में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं के अलावा व्यापारिक, सामाजिक और खेल जगत से जुड़े लोगों को भी कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। हालांकि, एक लाख लोगों की संख्या फिलहाल आयोजकों का अनुमान है। वास्तविक भीड़ का पता कार्यक्रम के बाद ही चलेगा।
यातायात व्यवस्था भी होगी बड़ी चुनौती
शहर के व्यस्त बाजारों से पदयात्रा गुजरने के कारण यातायात संभालना प्रशासन के लिए चुनौती हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को पहले से यात्रा के रास्ते और यातायात में होने वाले बदलावों की जानकारी दी जाए। इससे दुकानदारों, राहगीरों और आम नागरिकों को परेशानी से बचाया जा सकेगा।
भाजपा के नारे के पीछे क्या है राजनीतिक संदेश?
भाजपा ने इस आयोजन के लिए लोकतंत्र और अराजकता से जुड़े नारे को प्रमुखता दी है। पार्टी इस मुद्दे के जरिए अपना राजनीतिक पक्ष जनता के सामने रखना चाहती है। अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और पार्टी के दूसरे नेता इस मंच से लोगों को क्या संदेश देते हैं। साथ ही यह देखना भी दिलचस्प होगा कि कार्यक्रम में केवल भाजपा कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहती है या आम नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
भीड़ से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा जनता से जुड़ाव
जबलपुर की यह पदयात्रा भाजपा के लिए अपनी ताकत दिखाने का बड़ा अवसर है। लेकिन किसी भी राजनीतिक आयोजन की सफलता केवल भीड़ से तय नहीं होती। जनता के मुद्दों पर नेताओं की बात और लोगों से उनका संवाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि लोकतंत्र के नाम पर निकाली जा रही यह पदयात्रा जबलपुर की राजनीति में कितना असर छोड़ती है और भाजपा का संदेश आम लोगों तक कितनी मजबूती से पहुंचता है।