गोंडवाना एक्सप्रेस में विजिलेंस टीम की दबिश, 3 टीटीई फंसे, 46 हजार कैश जब्त
समझें क्या है पूरा मामला
- गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी कर रहे तीन टीटीई विजिलेंस के हत्थे चढ़े।
- यात्रियों से अवैध वसूली और रसीद न देने की शिकायत पर कार्रवाई हुई।
- तीनों कर्मचारियों के पास घोषित राशि से 46,300 रुपए अधिक नकदी मिली।
- जबलपुर स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही विजिलेंस टीम ने घेराबंदी कर जांच की।
- मामले की रिपोर्ट सीनियर डीसीएम को सौंपी गई, तीनों टीटीई के निलंबन की जानकारी सामने आई।
यात्री की शिकायत से खुली पोल
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पश्चिम मध्य रेल विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोंडवाना एक्सप्रेस से उतरे तीन टीटीई को पकड़ लिया। जांच में उनके पास घोषित राशि से 46,300 रुपए अधिक नकदी मिली। यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई के बाद तीनों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पश्चिम मध्य रेल की विजिलेंस टीम ने गोंडवाना एक्सप्रेस में तैनात तीन टिकट जांचकर्ताओं (टीटीई) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर दी। सूत्रों के अनुसार किसी यात्री ने मोबाइल फोन के माध्यम से विजिलेंस अधिकारियों को सूचना दी थी कि ट्रेन में कुछ टीटीई यात्रियों से जुर्माना और अन्य मदों में नकद राशि वसूल रहे हैं, लेकिन उसके बदले उचित रसीद जारी नहीं की जा रही। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
जबलपुर स्टेशन पर बिछाया गया जाल
सूचना मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने जबलपुर रेलवे स्टेशन पर घात लगाकर निगरानी शुरू कर दी। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही ट्रेन क्रमांक 22182 गोंडवाना एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंची, टीम ने ड्यूटी से लौट रहे तीनों टीटीई को रोक लिया। इनमें मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार शामिल थे। अधिकारियों ने उनके पास मौजूद नकदी का मिलान ड्यूटी शुरू होने से पहले किए गए कैश डिक्लेरेशन से किया, जिसमें भारी अंतर सामने आया।
46 हजार रुपए से अधिक अतिरिक्त नकदी मिली
जांच के दौरान विजिलेंस टीम को कुंदन कुमार के पास से 32 हजार रुपए, अनिकेश कुमार के पास से 14 हजार रुपए तथा मनोज कुशवाहा के पास से 300 रुपए अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। कुल मिलाकर तीनों कर्मचारियों के पास से 46,300 रुपए ऐसी राशि मिली, जिसका संतोषजनक हिसाब तत्काल प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद विजिलेंस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया और पूरी रिपोर्ट आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए जबलपुर रेल मंडल प्रशासन को सौंप दी।
रेलवे प्रशासन ने शुरू की विभागीय कार्रवाई
विजिलेंस टीम ने जांच रिपोर्ट जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) डॉ. मधुर वर्मा को भेज दी है। सूत्रों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर तीनों टीटीई को निलंबित कर दिया गया है। अब विभागीय जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि अतिरिक्त राशि का स्रोत क्या था और क्या वास्तव में यात्रियों से अवैध वसूली की गई थी।
रेलवे में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
रेलवे सूत्रों का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पहले भी विजिलेंस की निगाहें रही हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी राशि मिलने का मामला काफी समय बाद सामने आया है। रेलवे कर्मचारियों के बीच यह कार्रवाई पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। वहीं यात्रियों का कहना है कि यदि शिकायतें सही साबित होती हैं तो इससे रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
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